Lucknow-Kanpur Expressway की सड़क 24 घंटे में 14 जगह धंसी, टोल वसूली बंद; IIT खड़गपुर की टीम कर रही जांच
UP : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। पिछले 24 घंटों के भीतर एक्सप्रेसवे की सड़क 14 और जगहों पर धंस गई है। हालत यह है कि पहले किया गया पैचवर्क भी अब उखड़ने लगा है। सड़क की खराब स्थिति को देखत
UP : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। पिछले 24 घंटों के भीतर एक्सप्रेसवे की सड़क 14 और जगहों पर धंस गई है। हालत यह है कि पहले किया गया पैचवर्क भी अब उखड़ने लगा है। सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल टोल वसूली बंद कर दी है, जिसके बाद एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक काफी बढ़ गया है।
इस गंभीर मामले की जांच के लिए IIT खड़गपुर और NIT की टीमें मौके पर मौजूद हैं। प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में आईआईटी की टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है। उन्होंने 7 घंटे की वीडियोग्राफी की और 30 नमूने इकट्ठे किए हैं। टीम ने पाया कि सड़क के नीचे काफी नमी है और जल निकासी सही न होने की वजह से पानी जमा हो रहा है, जो सड़क टूटने की बड़ी वजह है। प्रोफेसर रेड्डी अब अपनी 800 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट 12 दिनों के भीतर NHAI मुख्यालय को सौंपेंगे।
NHAI ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है। एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी PNC Infraटेक लिमिटेड को ‘गैर-निष्पादक’ घोषित कर दिया गया है। कंपनी के तीन अधिकारियों को हटा दिया गया है और उन पर दो साल तक किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट (MoRTH, NHAI या NHIDCL) में काम करने की रोक लगा दी गई है। साथ ही, वर्तमान और पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा और सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उद्घाटन की तारीख | 13 जुलाई 2026 |
| खामियों की संख्या | 45 किमी ग्रीनफील्ड क्षेत्र में 35 बड़ी खामियां |
| सड़क धंसने की घटनाएं | 18 दिनों में 84 घटनाएं |
| पैचवर्क का काम | उन्नाव सीमा में 60 से अधिक स्थानों पर |
| ट्रैफिक डायवर्जन | किमी 29.7 से 30.3 के बीच 1.5 किमी |
| जांच टीम | IIT खड़गपुर और NIT |