Lucknow-Kanpur Expressway पर उद्घाटन के 14 दिन बाद ही आए गड्ढे, सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल
UP/Unnao: लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क की हालत खराब होने लगी है। 13 जुलाई 2026 को बड़े स्तर पर उद्घाटन के बाद महज 12 से 14 दिनों के भीतर सड़क पर गड्ढे और दरारें दिखने लग
UP/Unnao: लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क की हालत खराब होने लगी है। 13 जुलाई 2026 को बड़े स्तर पर उद्घाटन के बाद महज 12 से 14 दिनों के भीतर सड़क पर गड्ढे और दरारें दिखने लगी हैं। उन्नाव के कोरारी इलाके के पास सड़क की ऊपरी सतह खिसकने की खबरें आई हैं, जिससे इस प्रोजेक्ट की क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह एक्सप्रेसवे भारत की पहली ऐसी सड़क है जिसे ऑटोमेटेड इंटेलिजेंस मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन (AIMGC) तकनीक से बनाया गया था। लेकिन जुलाई के आखिरी हफ्ते में भारी बारिश के बाद कोरारी क्षेत्र के पास करीब 40 मीटर के हिस्से में सड़क धंसने और दरारें पड़ने की समस्या सामने आई। सोशल मीडिया पर इस सड़क की तस्वीरें वायरल होने के बाद विपक्षी नेताओं और आम लोगों ने भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के आरोप लगाए हैं। एक पूर्व MLC ने इस मामले की सीबीआई जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि यह सड़क का धंसना नहीं था, बल्कि केवल ऊपरी परत का खिसकना था। उन्होंने इसे एक तकनीकी समस्या बताया जो बिटुमिनस सड़कों पर कभी-कभी हो जाती है। NHAI के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 की शाम 5 बजे तक मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया था और अब यातायात सामान्य है। प्रोजेक्ट मैनेजर वी कुंडू ने भी इसका कारण भारी बारिश को बताया है।
दूसरी तरफ, यूपी राज्य सेतु निगम के रिटायर्ड जीएम संदीप गुप्ता ने निर्माण की गुणवत्ता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अक्सर कंपनियां कम बोली लगाकर टेंडर लेती हैं और फिर लागत बचाने के लिए मिट्टी की कुटाई और ड्रेनेज सिस्टम जैसे जरूरी कामों में लापरवाही करती हैं। उन्होंने बताया कि PNC कंपनी को 4200 करोड़ रुपये का टेंडर मिला था, लेकिन कोरारी के पास हुई समस्या इसी अनदेखी का नतीजा है।