Lucknow-Kanpur Expressway आज से आम जनता के लिए खुला, अब सिर्फ 45 मिनट में तय होगा सफर

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आज 14 जुलाई 2026 को सुबह 8:00 बजे से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस नए रास्ते के शुरू होने से अब दोनों शहरों के बीच की

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे आज 14 जुलाई 2026 को सुबह 8:00 बजे से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस नए रास्ते के शुरू होने से अब दोनों शहरों के बीच की दूरी बहुत कम हो गई है और यह सफर महज 35 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा, जबकि पहले इसमें 2 से 3 घंटे का समय लगता था।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षा मंत्री Rajnath Singh, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सोमवार को किया था। यह 63 किलोमीटर लंबा 6-लेन का हाईवे है, जिसे बाद में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसे बनाने में करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के Amausi को कानपुर के Azad Chowk से जोड़ता है और उन्नाव के कई गांवों से होकर गुजरता है।

यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा हाईवे है जहां कोई टोल बैरियर नहीं होगा। यहां टोल वसूली पूरी तरह डिजिटल होगी और FASTag के जरिए पैसे कटेंगे। ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए AI कैमरा और आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से कारों के लिए अधिकतम रफ्तार 120 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा तय की गई है। ध्यान रहे कि इस एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो, ई-रिक्शा और साइकिल का चलना पूरी तरह मना है।

वाहन का प्रकार एक तरफ का टोल (One-way) रिटर्न टोल (24 घंटे के भीतर)
Car, Jeep, Van, SUV ₹275 ₹415
Light Commercial Vehicles ₹445 ₹670
Bus and Truck ₹935 ₹1405
Heavy Vehicles ₹1020 ₹1530

नियमित सफर करने वालों के लिए सालाना FASTag पास की सुविधा भी है, जिसकी कीमत ₹3,075 है और इसमें साल में 200 बार टोल पार करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, सरकार ने शहीद पथ पर एक मल्टी-लेयर कॉरिडोर बनाने की मंजूरी दी है, जिसमें ऊपर मेट्रो और नीचे सड़क होगी। इसका प्रोजेक्ट रिपोर्ट दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगा।

इस प्रोजेक्ट के साथ ही 4850 करोड़ रुपये की तीन और नेशनल हाईवे परियोजनाओं की शुरुआत हुई है। इसमें हरदोई-लखनऊ 4-लेन रूट और इंजीनियरिंग कॉलेज चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यूपी के हर उस शहर को बाईपास मिले जिसकी आबादी 5 लाख से ज्यादा है।