Lucknow-Kanpur Expressway 14 जुलाई से होगा शुरू, 3 घंटे का सफर अब 45 मिनट में होगा पूरा

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 14 जुलाई से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस नए रास्ते के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय काफी कम हो जाएगा, जिससे ल

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 14 जुलाई से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस नए रास्ते के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय काफी कम हो जाएगा, जिससे लाखों लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल होंगे। आम लोग मंगलवार, 14 जुलाई को सुबह 8:00 बजे से इस पर अपनी गाड़ियां दौड़ा सकेंगे। इस एक्सप्रेसवे को चार अलग-अलग नामों से जाना जाएगा, जिनमें National Expressway-6 (NE-6), अवध एक्सप्रेसवे और ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेसवे शामिल हैं।

NHAI द्वारा विकसित और PNC Infratech Ltd द्वारा बनाए गए इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की लागत करीब 4,700 करोड़ रुपये आई है। यह लखनऊ के शहीद पथ को कानपुर के चकेरी/आजाद चौक से जोड़ता है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब लखनऊ से कानपुर पहुंचने में 2.5 से 3 घंटे के बजाय सिर्फ 35 से 45 मिनट का समय लगेगा।

इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए कुछ जरूरी नियम और टोल रेट तय किए गए हैं:

विवरण जानकारी/रेट
अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा
कार/जीप/SUV (एक तरफ) ₹275
कार/जीप/SUV (रिटर्न) ₹415
भारी वाहन (एक तरफ) ₹1020
भारी वाहन (रिटर्न) ₹1530
सालाना FASTag पास ₹3,075 (प्रति ट्रिप ₹15)
प्रतिबंधित वाहन दोपहिया और तिपहिया वाहन

यह भारत का पहला बैरियर-फ्री एक्सप्रेसवे है, जहां MLFF सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब है कि टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा और RFID व ANPR कैमरों के जरिए अपने आप पैसे कट जाएंगे। सुरक्षा के लिए यहां 63 CCTV कैमरे, स्पीड रडार और इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं। अगर रास्ते में कोई दुर्घटना होती है, तो 15 मिनट के भीतर मदद पहुंचने की गारंटी दी गई है। ओवरस्पीडिंग करने वालों के लिए ऑटोमैटिक ई-चालान की व्यवस्था भी की गई है।

पर्यावरण का ध्यान रखते हुए एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 46,000 पेड़ लगाए गए हैं। आने वाले समय में यहां 10 बेड का ट्रॉमा सेंटर, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग पॉइंट और फूड प्लाजा जैसी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। यह एक्सप्रेसवे आगे चलकर गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर रिंग रोड से भी जुड़ेगा।