UP में खुला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, 3 घंटे का सफर अब 40 मिनट में होगा पूरा
UP : लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 13 जुलाई 2026 को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया गया है. इस नए हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच की दूरी अब बहुत कम
UP : लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 13 जुलाई 2026 को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया गया है. इस नए हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच की दूरी अब बहुत कम समय में तय हो जाएगी, जिससे लोगों को घंटों के जाम और ट्रैफिक से छुटकारा मिलेगा.
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलकर किया. राजनाथ सिंह ने इस मौके पर लखनऊ एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक 23 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर और मेट्रो लाइन बनाने की मांग की, जिसे नितिन गडकरी ने तुरंत मंजूरी दे दी है. करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण PNC इन्फ्राटेक लिमिटेड ने किया है और इसकी देखरेख NHAI कर रहा है.
यह एक्सप्रेसवे चार अलग-अलग नामों से जाना जाएगा, जिनमें नेशनल एक्सप्रेसवे-6 (NE-6), अवध एक्सप्रेसवे, ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेसवे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शामिल हैं. यह रास्ता कानपुर के आजाद चौराहा को लखनऊ के शहीद पथ से जोड़ता है और आगे चलकर गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर रिंग रोड से भी जुड़ेगा. यात्रा को आसान बनाने के लिए इसमें कई फ्लाईओवर, अंडरपास और पुल बनाए गए हैं.
सुरक्षा और नियमों की बात करें तो इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का जाना मना है. कारों के लिए अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा और ट्रकों के लिए 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है. पूरे रास्ते पर 80 से ज्यादा हाई-डेफिनेशन कैमरे और स्पीड रडार लगाए गए हैं, जो किसी भी हादसे की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को देंगे.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 63 किलोमीटर |
| निर्माण लागत | लगभग ₹4200 करोड़ |
| यात्रा समय | 3 घंटे से घटकर 40-45 मिनट |
| टोल (कार/जीप) | ₹275 (एक तरफ), ₹415 (रिटर्न) |
| लेन की संख्या | 6 लेन (भविष्य में 8 तक संभव) |
| विशेष सुविधा | ITMS, FASTag और ANPR सिस्टम |