UP : लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को 24 मई 2026 को राष्ट्र को समर्पित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर सकते हैं, जिससे दोनों
UP : लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को 24 मई 2026 को राष्ट्र को समर्पित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर सकते हैं, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय काफी कम हो जाएगा। फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
एक्सप्रेसवे की खासियत और सफर का समय
यह एक्सप्रेसवे करीब 63 किलोमीटर लंबा और छह-लेन का है। इस सड़क के बनने से लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर, जो अभी 2.5 से 3 घंटे लेता है, अब सिर्फ 30 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा। गाड़ियां इस पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से दोपहिया और तिपहिया वाहनों का इस पर चलना मना होगा।
टोल दरें और खर्च की पूरी जानकारी
| विवरण |
राशि/जानकारी |
| एक तरफ का टोल (कार) |
₹275 |
| 24 घंटे में वापसी टोल |
₹415 |
| सालाना पास की कीमत |
₹3,075 |
| कुल परियोजना लागत |
लगभग 4,700 करोड़ रुपये |
| सालाना पास में सुविधा |
100 राउंड-ट्रिप या 200 क्रॉसिंग |
लोकार्पण की तैयारी और खास मेहमान
इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। पहले इसे 28 अप्रैल को खोलने की बात थी, लेकिन काम पूरा न होने के कारण तारीख आगे बढ़ाई गई। NHAI ने 15 मई तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा था। अब किलोमीटर 60 पर स्थित रेस्ट एरिया और जाजमऊ पुल के पास लोकार्पण स्थल को लेकर विचार किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल कितना लगेगा?
कार के लिए एक तरफ का टोल ₹275 और 24 घंटे के भीतर वापसी के लिए ₹415 तय किया गया है। नियमित यात्रियों के लिए ₹3,075 का सालाना पास भी उपलब्ध होगा।
क्या बाइक और ऑटो इस एक्सप्रेसवे पर चल सकते हैं?
नहीं, यह एक एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे है, इसलिए इस पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के चलने की अनुमति नहीं होगी।