UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की जांच पूरी, IIT खड़गपुर सौंपेगा 800 पन्नों की रिपोर्ट

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बने एक्सप्रेसवे पर बार-बार सड़क धंसने और दरकने का मामला अब गहराता जा रहा है। IIT खड़गपुर की टीम ने इस पूरी समस्या की जांच पूरी कर ली है। टीम ने 800 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट और 7 घंटे की रिकॉ

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बने एक्सप्रेसवे पर बार-बार सड़क धंसने और दरकने का मामला अब गहराता जा रहा है। IIT खड़गपुर की टीम ने इस पूरी समस्या की जांच पूरी कर ली है। टीम ने 800 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट और 7 घंटे की रिकॉर्डिंग तैयार की है, जिसे अगले 12 दिनों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपा जाएगा।

जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी इस रिपोर्ट को NHAI मुख्यालय में पेश करेंगे। टीम ने सड़क के 30 नमूने लिए और वीडियो रिकॉर्डिंग की। 8 अगस्त को हुए निरीक्षण में पाया गया कि एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड इलाके में सड़क के कई फुट नीचे पानी जमा है। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम यानी जल निकासी की व्यवस्था में बड़ी गड़बड़ी मिली है। कहीं सड़क का घुमाव ज्यादा है तो कहीं ढलान सही नहीं है, जिसकी वजह से पानी जमा हो रहा है। एक प्रोफेसर ने तो खराब जल निकासी के कारण सड़क के एक हिस्से को तुरंत तोड़ने का आदेश भी दिया था।

हालत यह है कि 9 अगस्त को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 14 और जगहों पर सड़क धंस गई है। पहले किए गए पैचवर्क यानी मरम्मत का काम भी उखड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर केवल ऊपरी परत की मरम्मत की गई और तकनीकी जांच नहीं हुई, तो यह समस्या बार-बार आती रहेगी। इसी वजह से अब लेजर-बीम सिस्टम का इस्तेमाल कर सड़क की गुणवत्ता जांची जा रही है।

मुख्य बिंदु विवरण
जांच टीम IIT खड़गपुर
कुल धंसाव 23 बार (मुख्य जांच में)
रिपोर्ट का विवरण 800 पन्ने और 7 घंटे की रिकॉर्डिंग
मुख्य खामी खराब ड्रेनेज और सड़क के नीचे नमी
निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड (NHAI ने ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित किया)
वर्तमान स्थिति टोल वसूली बंद, मरम्मत कार्य जारी

इस मामले में NHAI ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक के तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और पूर्व परियोजना निदेशक को निलंबित कर डिबार कर दिया गया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि भारी बारिश की वजह से सड़क धंसी है, तकनीकी खराबी नहीं है। दूसरी ओर, NHAI के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने 26 जुलाई को कहा था कि सड़क धंसी नहीं थी, बल्कि ऊपरी परत उखड़ी थी। फिलहाल, नई दरारें दिखने के बाद 1.5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक डायवर्जन करना पड़ा है और मरम्मत का काम चल रहा है।