Lucknow-Kanpur Expressway के किनारे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, बच्चों के लिए झूले और टहलने के लिए बनेंगे पार्क

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब एक्सप्रेसवे के किनारे सिर्फ गाड़ियां ही नहीं दौड़ेंगी, बल्कि वहां हरियाली का एक बड़ा कॉरिडोर भी तैयार होगा। जिलाधिकारी विशाख जी ने निर्देश दिए हैं

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब एक्सप्रेसवे के किनारे सिर्फ गाड़ियां ही नहीं दौड़ेंगी, बल्कि वहां हरियाली का एक बड़ा कॉरिडोर भी तैयार होगा। जिलाधिकारी विशाख जी ने निर्देश दिए हैं कि एक्सप्रेसवे के किनारे खाली पड़ी जमीन को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाए, ताकि लोगों को प्रदूषण और शोर से राहत मिल सके।

डीएम विशाख जी ने 15 जून 2026 को दरोगाखेड़ा के पास एलिवेटेड रोड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की लगभग दो-दो बीघा खाली जमीन देखी और उसे ग्रीन बेल्ट बनाने का आदेश दिया। इस कॉरिडोर में छायादार और फलदार पेड़ लगाए जाएंगे। साथ ही यहां टहलने के लिए पाथ-वे और बच्चों के खेलने के लिए झूले भी लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोग सुबह और शाम की सैर के लिए यहां आ सकेंगे।

इस प्रोजेक्ट को लेकर NHAI और वन विभाग के बीच जनवरी 2026 में एक समझौता हुआ था। इसके तहत एक्सप्रेसवे के 45 किलोमीटर ग्रीन फील्ड क्षेत्र में करीब 46,000 पेड़ लगाए जाएंगे। इन पेड़ों की देखरेख अगले पांच साल तक वन विभाग करेगा, जिसके लिए NHAI 7 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

यह 62.7 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। इसके शुरू होने से लखनऊ से कानपुर की दूरी तय करने में लगने वाला समय 3 घंटे से घटकर महज 30 से 45 मिनट रह जाएगा। मई 2026 तक लखनऊ आउटर रिंग रोड से बनी तक का एलिवेटेड कॉरिडोर पूरी तरह तैयार हो चुका है।

विवरण जानकारी
कुल लंबाई 62.7 किलोमीटर
अनुमानित लागत ₹4,700 करोड़
यात्रा का समय 30-45 मिनट (अनुमानित)
कार टोल (एक तरफ) ₹275
वार्षिक पास ₹3,075 (200 क्रॉसिंग)
लगाए जाने वाले पेड़ 46,000