UP में उद्घाटन के 22 दिन बाद धंसा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, सड़क सुखाने के लिए लगाए पंखे, अखिलेश यादव ने कसा तंज
UP/Lucknow : लखनऊ और कानपुर के बीच बने नए एक्सप्रेसवे की हालत खराब हो गई है। उद्घाटन के महज 22 दिन बाद ही सड़क कई जगहों से धंस गई है। इस समस्या को ठीक करने के लिए इंजीनियरों ने सड़क पर बड़े-बड़े पंखे लगा दिए हैं ताकि नमी
UP/Lucknow : लखनऊ और कानपुर के बीच बने नए एक्सप्रेसवे की हालत खराब हो गई है। उद्घाटन के महज 22 दिन बाद ही सड़क कई जगहों से धंस गई है। इस समस्या को ठीक करने के लिए इंजीनियरों ने सड़क पर बड़े-बड़े पंखे लगा दिए हैं ताकि नमी दूर हो सके, जिस पर अब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।
यह एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को शुरू किया गया था, लेकिन 26 जुलाई तक ही उन्नाव के कोरारी इलाके में किलोमीटर 64 के पास करीब 300 मीटर सड़क धंस गई। NHAI के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर कुल 84 जगहों पर खराबी पाई गई है, जिसमें लखनऊ की तरफ 39 और कानपुर की तरफ 45 पॉइंट शामिल हैं। सड़क को सुखाने के लिए इस्तेमाल किए गए पंखों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे भाजपा-शैली की प्रगति बताते हुए तीखा तंज कसा है।
PNC इन्फ्राटेक के अधिकारियों का कहना है कि बारिश की वजह से डामर की परतों में नमी आ गई थी, जिसे सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया गया। NHAI ने इस मामले में अब सख्त रुख अपनाया है। निर्माण कंपनी PNC इन्फ्राटेक लिमिटेड को गैर-निष्पादक घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे कंपनी भविष्य के प्रोजेक्ट्स से बाहर हो सकती है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लागत | 4,200 करोड़ रुपये |
| लंबाई | 63 किलोमीटर |
| मरम्मत खर्च | लगभग 3 करोड़ रुपये (कंपनी भरेगी) |
| कुल क्षति बिंदु | 84 जगह |
| समय की बचत | 90 मिनट से घटकर 35-40 मिनट |
NHAI ने इस लापरवाही पर एक्शन लेते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटा दिया है। इन अधिकारियों को अगले दो साल तक किसी भी सरकारी सड़क प्रोजेक्ट में काम करने से रोक दिया गया है। साथ ही, जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद कर दी गई है। मामले की गहराई से जांच के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के. एस. रेड्डी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है और सड़क की जांच के लिए लेजर प्रोफाइलर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।