UP में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की हालत खराब, उद्घाटन के 24 दिन बाद 84 जगह धंसी सड़क

UP/Lucknow: करीब 4,700 करोड़ रुपये की भारी लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर महज 24 दिनों के भीतर 84 जगहों पर सड़क धंसने और दरारें

UP/Lucknow: करीब 4,700 करोड़ रुपये की भारी लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर महज 24 दिनों के भीतर 84 जगहों पर सड़क धंसने और दरारें आने की खबरें सामने आई हैं। इस गंभीर लापरवाही के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा एक्शन लेते हुए मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली पर रोक लगा दी है।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। लेकिन 26 और 27 जुलाई को उन्नाव एंट्री पॉइंट और किलोमीटर 64 के पास सड़क की ऊपरी परत खराब होने और धंसाव की घटनाएं देखी गईं। जांच में पता चला कि सड़क पर दरारें, मिट्टी का कटाव और पुलों के पास क्षति जैसी कुल 84 खामियां हैं। हालांकि NHAI ने साफ किया है कि मुख्य स्ट्रक्चर सुरक्षित है और केवल ऊपरी परत (बिटुमिनस वेयरिंग कोर्स) प्रभावित हुई है।

NHAI ने इस मामले में निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड और निगरानी करने वाली एजेंसी Theme Engineering Services Private Limited के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और उसे भविष्य की निविदाओं से अयोग्य करने का प्रस्ताव है। मरम्मत में करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसका भुगतान PNC इंफ्राटेक को करना होगा।

पद/संस्था की गई कार्रवाई
विवेक कुमार गुप्ता (प्रोजेक्ट मैनेजर) हटाया गया और 2 साल का प्रतिबंध
सुरेंद्र कुमार और यतेंद्र कुमार (इंजीनियर) हटाया गया और 2 साल का प्रतिबंध
नकुल प्रकाश वर्मा (परियोजना निदेशक) मूल विभाग वापस भेजे गए
सौरभ चौरसिया (पूर्व पीडी) आरोप-पत्र जारी करने की तैयारी
Theme Engineering Services डिबारमेंट नोटिस जारी

अब इस पूरे प्रोजेक्ट की क्वालिटी की जांच IIT खड़गपुर करेगा, जिसमें लेजर जांच का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि खराबी की असली वजह पता चल सके। फिलहाल लखनऊ पीडी की जिम्मेदारी नवरत्न को सौंपी गई है।