Lucknow-Kanpur Expressway पर दरारें, ड्रेनेज सिस्टम की गलती से धंस रही सड़क; टोल वसूली बंद
UP/Lucknow : करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क कई जगहों से धंसने लगी और उसमें गहरी दरारें आ गईं। जांच में पता चला है कि एक्सप्रेस
UP/Lucknow : करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क कई जगहों से धंसने लगी और उसमें गहरी दरारें आ गईं। जांच में पता चला है कि एक्सप्रेसवे का ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं था, जिसकी वजह से बारिश का पानी सड़क के नीचे चला गया और मिट्टी कमजोर हो गई।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था, लेकिन 26 जुलाई को ही उन्नाव के कोरारी इलाके में सड़क धंसने की खबरें आने लगीं। 3 अगस्त तक स्थिति और खराब हो गई और आधे दर्जन जगहों पर गड्ढे और दरारें दिख गईं। अब NHAI ने पूरी सख्ती दिखाते हुए पूरे एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद कर दी है। जब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों से टोल नहीं लिया जाएगा।
IIT Kharagpur के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में एक टीम ने इसकी जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क के दोनों तरफ पानी निकलने का रास्ता सही नहीं था, जिससे मोड़ वाले हिस्सों में पानी जमा हो गया। साथ ही यह सड़क करीब एक साल तक बिना इस्तेमाल के रही, जिससे इसकी ऊपरी सतह कमजोर हो गई थी। NHAI ने साफ किया है कि मरम्मत का करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च ठेका कंपनी PNC Infratech Limited ही उठाएगी, सरकार एक पैसा भी खर्च नहीं करेगी।
NHAI ने इस मामले में कई बड़े अधिकारियों और इंजीनियरों पर गाज गिराई है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा और सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की जा रही है। वहीं, PNC Infratech के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता और इंजीनियर सुरेंद्र कुमार व यतेंद्र कुमार को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया है और उन्हें दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। NHAI अब PNC Infratech को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की तैयारी में है, जिससे कंपनी भविष्य में नए प्रोजेक्ट्स की बोली नहीं लगा पाएगी।