Lucknow-Kanpur Expressway पर बढ़ीं मुश्किलें, कहीं सड़क धंसी तो कहीं पाइप टूटे; NHAI ने ठेकेदार पर लगाया बैन
UP/Lucknow: करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। ग्रीन फील्ड और एलिवेटेड रोड दोनों हिस्सों में निर्माण की खराब गुणवत्ता और लापरवाही सामने आ रही
UP/Lucknow: करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया है। ग्रीन फील्ड और एलिवेटेड रोड दोनों हिस्सों में निर्माण की खराब गुणवत्ता और लापरवाही सामने आ रही है। सड़क धंसने से लेकर किसानों की परेशानी तक, इस प्रोजेक्ट में कई गंभीर कमियां पाई गई हैं जिसके बाद NHAI ने सख्त कदम उठाए हैं।
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। लेकिन इसके बाद से ही सड़क धंसने और दरारें आने की खबरें लगातार आ रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, महज 24 घंटे के भीतर 14 और जगहों पर सड़क धंसी है। जानकारों का कहना है कि जल्दबाजी में किए गए पैचवर्क की वजह से यह समस्या और बढ़ गई है। सड़क के किनारे बने शोल्डर भी धंस गए हैं, जिससे बिटुमिन कमजोर हो रहा है और गड्ढे बन रहे हैं।
एलिवेटेड रोड की हालत भी संतोषजनक नहीं है। यहाँ बारिश के पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप कई जगहों पर टूट गए हैं, जिससे पानी नीचे चलने वाले लोगों पर गिर रहा है। साथ ही, स्थानीय घरों के पानी को एक्सप्रेसवे के नालों से नहीं जोड़ा गया है, जिससे लोग नाराज हैं। सरोजनी नगर में कैप्टन मनोज पांडे सैनिक स्कूल से दारोगा खेड़ा तक पौधरोपण का काम अभी तक अधूरा है और पहले लगाए गए पौधे भी सूख चुके हैं।
ग्रामीण इलाकों में किसानों को भी भारी परेशानी हो रही है। बंथरा और आसपास के खाली प्लॉटों पर निर्माण के दौरान छोड़े गए भारी-भरकम पत्थर अभी तक नहीं हटाए गए हैं, जिससे किसानों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
लापरवाही को देखते हुए NHAI ने कड़ा एक्शन लिया है। निर्माण एजेंसी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को ‘नॉन-परफार्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव दिया गया है और उसे दो साल के लिए किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट में काम करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटा दिया गया है। पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को निलंबित कर दिया गया है और मौजूदा डायरेक्टर नकुल वर्मा को पद से हटा दिया गया है।
NHAI ने जब तक सड़क पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, तब तक टोल वसूली रोक दी है। वहीं, IIT खड़गपुर की एक टीम निर्माण दोषों की जांच कर रही है, जिसकी 800 पन्नों की रिपोर्ट जल्द आने वाली है। दूसरी ओर, PNC इंफ्राटेक का दावा है कि बारिश की वजह से केवल 0.5 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है और मरम्मत का काम चल रहा है।