UP: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे धंसा, NHAI ने कंपनी को बताया ‘नॉन-परफ़ॉर्मर’, टोल वसूली बंद

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बना नया एक्सप्रेस-वे अपनी बदहाली के कारण चर्चा में है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और डामर उखड़ने की खबरें सामने आईं। इस मामले में NHAI अब सख्त एक्शन मोड में है और सड़क परिवहन एवं राज

UP: लखनऊ और कानपुर के बीच बना नया एक्सप्रेस-वे अपनी बदहाली के कारण चर्चा में है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और डामर उखड़ने की खबरें सामने आईं। इस मामले में NHAI अब सख्त एक्शन मोड में है और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तक इसकी जानकारी पहुंच गई है।

इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था और इसे 14 जुलाई को ही जनता के लिए खोल दिया गया था। इस प्रोजेक्ट पर करीब 4,200 करोड़ से 4,700 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। लेकिन 26 जुलाई को उन्नाव के कुरारी गांव के पास सड़क धंसने की शिकायतें मिलीं। शुरुआत में NHAI ने इसे मामूली खराबी बताया था, लेकिन बाद में स्थिति गंभीर पाई गई।

लापरवाही बरतने पर NHAI ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को दो साल के लिए MoRTH और NHAI की सभी परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया गया है और पूर्व पीडी सौरभ चौरसिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

निर्माण कंपनी PNC Infratech के खिलाफ भी तैयारी शुरू हो गई है। NHAI इसे ‘नॉन-परफ़ॉर्मर’ घोषित करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है, जिससे कंपनी भविष्य के टेंडरों से ब्लैकलिस्ट हो सकती है। साथ ही कंपनी पर 2% जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

विवरण जानकारी
प्रभावित क्षेत्र उन्नाव के कुरारी गांव के पास (किमी-64)
जांच टीम IIT खड़गपुर (लेजर जांच करेगी)
मुख्य कारण शुरुआती जांच में पानी का रिसाव पाया गया
टोल वसूली मरम्मत पूरी होने तक निलंबित
मरम्मत का खर्च पूरी तरह PNC Infratech वहन करेगी
क्षति का पैमाना 18 दिनों में 80 से अधिक जगहों पर खराबी

वर्तमान में सड़क के 45 किलोमीटर के हिस्से में 40 जगहों पर पैचवर्क किया जा रहा है। मरम्मत के दौरान सड़क सुखाने के लिए स्टैंड फैन का इस्तेमाल करने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अब IIT खड़गपुर की टीम गुणवत्ता की पूरी जांच करेगी।