Lucknow-Kanpur Expressway पर बाइक ले जाना पड़ेगा भारी, डिजिटल कैमरों से होगी निगरानी और लगेगा भारी जुर्माना
Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर अब नियम तोड़ने वाले बाइक और ऑटो सवारों की खैर नहीं है। 14 जुलाई 2026 से आम जनता के लिए खुले इस एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह बैन है। 16 जुलाई को हुए एक
Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर अब नियम तोड़ने वाले बाइक और ऑटो सवारों की खैर नहीं है। 14 जुलाई 2026 से आम जनता के लिए खुले इस एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह बैन है। 16 जुलाई को हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन अब हाईटेक निगरानी और सख्त जुर्माने के जरिए इन वाहनों को रोकने की तैयारी में है।
NHAI और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। अब यहाँ डिजिटल सर्विलांस सिस्टम लगाया गया है, जिसमें 63 लॉन्ग रेंज कैमरे लगे हैं जो 500 मीटर की दूरी से ही गाड़ी का नंबर पढ़ लेंगे। इसके अलावा AI आधारित 16 VIDES कैमरे भी लगाए गए हैं, जो अचानक ब्रेक लगाने, टायर फटने या किसी भी हादसे की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को देंगे। बानी और उन्नाव के पास बने कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी और नियम तोड़ने वालों का ई-चालान सीधे घर पहुंचेगा।
नियमों के मुताबिक, इस एक्सप्रेस-वे पर केवल चार पहिया और भारी वाहन ही चल सकते हैं। बाइक, ऑटो, ई-रिक्शा, ट्रैक्टर और साइकिल का प्रवेश सख्त मना है। अगर कोई बाइक या ऑटो सवार पहली बार पकड़ा गया तो 500 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 1,500 रुपये का जुर्माना देना होगा। गलत दिशा में चलने या स्टंट करने पर भी 1,500 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, बिना FASTag वाली गाड़ियों से दोगुना टोल वसूला जाएगा और साथ ही 500 से 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। अगर 15 दिन में भुगतान नहीं हुआ तो RC सस्पेंड भी की जा सकती है।
DCP ट्रैफिक रवीना त्यागी और NHAI अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण के दौरान पाया कि एंट्री पॉइंट पर जानकारी की कमी है, जिसकी वजह से कई स्थानीय लोग अनजाने में एक्सप्रेस-वे पर घुस रहे हैं। अब एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर बड़े और साफ बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें प्रतिबंधित वाहनों, टोल राशि और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी होगी। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल वर्मा ने बताया कि फिलहाल पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है, लेकिन अगर फिर भी लोग नियम तोड़ते रहे तो एंट्री पॉइंट पर फिजिकल बैरियर (बैरिकेडिंग) भी लगाए जा सकते हैं।
सुरक्षा के लिहाज से कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 120 kmph और भारी वाहनों के लिए 80 kmph तय की गई है। टोल वसूली के लिए MLFF सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे FASTag और ANPR तकनीक के जरिए पैसे अपने आप कट जाएंगे और गाड़ियों को रुकने की जरूरत नहीं होगी।