Lucknow के कन्हैया माधवपुर में गंदगी का अंबार, हालात से परेशान होकर लोग बेचने लगे अपने घर

Lucknow: राजधानी के कन्हैया माधवपुर वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इलाके में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और नाले उफन रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि गंदगी और

Lucknow: राजधानी के कन्हैया माधवपुर वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इलाके में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और नाले उफन रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि गंदगी और बीमारियों के डर से कुछ निवासी अब अपना घर बेचकर यहां से जाने की बात कर रहे हैं।

सड़कों पर मैला फैला हुआ है और घरों के बाहर कचरे के ढेर जमा हैं। इस गंदगी की वजह से इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नियमित रूप से नहीं आ रही हैं, जिससे कचरा सड़कों पर जमा हो रहा है।

इस बीच, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण में हो रही लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं, वहां कम से कम 30 घरों की रिपोर्ट तैयार कर सत्यापन किया जाए। महापौर ने साफ किया है कि अगर कूड़ा उठाने में लापरवाही मिली, तो संबंधित संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने स्वेज इंडिया संस्था को फटकार लगाते हुए सीवर और सड़क की सफाई समयबद्ध तरीके से करने को कहा है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने भी मई 2026 में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि किसी भी वार्ड में कूड़े के ढेर नहीं दिखने चाहिए। मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान शहर के कई हिस्सों में कूड़ा संग्रहण बाधित रहा था, जिसका एक कारण सफाई कर्मचारियों का अपने गृह राज्यों में जाना बताया गया था। अप्रैल में नगर निगम की हेल्पलाइन पर कूड़े से जुड़ी 2,600 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई थीं।