UP : लखनऊ के कमता तिराहे पर शनिवार दोपहर को यातायात की हालत बेहद खराब रही। यहां इतना भीषण जाम लगा कि गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सुषमा हॉस्पिटल से कमता तिराहे तक करीब 800 मीटर की दूरी तय करने में लोगों को 15 मिनट के
UP : लखनऊ के कमता तिराहे पर शनिवार दोपहर को यातायात की हालत बेहद खराब रही। यहां इतना भीषण जाम लगा कि गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सुषमा हॉस्पिटल से कमता तिराहे तक करीब 800 मीटर की दूरी तय करने में लोगों को 15 मिनट के बजाय पूरा एक घंटा लग गया। हालात इतने खराब थे कि लोग अपनी गाड़ी का यू-टर्न तक नहीं ले पाए।
जाम लगने की मुख्य वजह क्या रही
कमता तिराहे के पास अवैध टैक्सी स्टैंड जाम का एक बड़ा कारण बनकर उभरे हैं। अवध बस स्टेशन के ए.आर.एम. आर.के. वर्मा के मुताबिक, बिना परमिट वाली टैक्सियां सड़क की पूरी लेन घेर लेती हैं, जिससे ट्रैफिक रेंगने लगता है। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा द्वारा गलत दिशा में गाड़ी चलाने और बीच सड़क पर यू-टर्न लेने से भी अव्यवस्था फैलती है।
ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के अब तक के प्रयास
DCP Traffic रवीना त्यागी यातायात प्रबंधन योजनाओं की निगरानी में सक्रिय रही हैं। अप्रैल 2026 में यहां 15 दिनों का यू-टर्न डायवर्जन ट्रायल भी किया गया था ताकि ट्रैफिक का प्रवाह बना रहे। हाल ही में 11 जून को एक विशेष अभियान चलाकर 3,611 वाहनों का चालान किया गया और 80 वाहनों को जब्त किया गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी पॉलीटेक्निक से किसान पथ तक लगने वाले जाम पर अधिकारियों से जवाब मांगा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कमता तिराहे पर जाम का मुख्य कारण क्या बताया गया है
अवैध टैक्सी स्टैंड और बिना परमिट वाली टैक्सियों द्वारा सड़क की पूरी लेन घेरना जाम का मुख्य कारण है। साथ ही ई-रिक्शा और ऑटो का गलत दिशा में चलना भी समस्या बढ़ाता है।
ट्रैफिक पुलिस ने जाम रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं
पुलिस ने 11 जून को विशेष अभियान चलाकर 3,611 वाहनों का चालान किया और 80 वाहन जब्त किए। इसके अलावा अप्रैल में यू-टर्न डायवर्जन का ट्रायल भी किया गया था।