Lucknow में कमता और पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी जाम, 700 मीटर तक लगी वाहनों की कतार
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कमता और पॉलिटेक्निक चौराहे पर सोमवार दोपहर को ट्रैफिक की हालत बेहद खराब रही। पॉलिटेक्निक की तरफ से आने वाले वाहनों की करीब 700 मीटर लंबी लाइन लग गई, जिससे लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में काफी
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कमता और पॉलिटेक्निक चौराहे पर सोमवार दोपहर को ट्रैफिक की हालत बेहद खराब रही। पॉलिटेक्निक की तरफ से आने वाले वाहनों की करीब 700 मीटर लंबी लाइन लग गई, जिससे लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में काफी समय लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें रोजाना इस जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
ट्रैफिक की यह समस्या केवल सोमवार तक सीमित नहीं थी, इससे पहले 12 जुलाई को भी भारी बारिश की वजह से सचिवालय से चारबाग और पॉलिटेक्निक से कमता तक लंबा जाम देखा गया था। ट्रैफिक की इसी बदहाली पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने पुलिस और नगर निगम के बड़े अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और इसका कोई ठोस समाधान निकालने का निर्देश दिया है।
यातायात को सुधारने के लिए डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के आदेश पर कमता चौराहे और विजयपुर अंडरपास के पास डायवर्जन लागू किया गया था। नए नियम के मुताबिक चिनहट से पॉलिटेक्निक जाने वाले वाहन अब सीधे कमता चौराहे से नहीं जा सकते, उन्हें विजयपुर अंडरपास के नीचे से होकर जाना होगा। हालांकि, पहले की गई बैरिकेडिंग की वजह से लोगों को 5 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा था, जिससे जाम और बढ़ गया था।
भविष्य में इस समस्या को खत्म करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर विचार हो रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमौसी एयरपोर्ट से अयोध्या रोड तक 22 किलोमीटर लंबी सिग्नल-फ्री एलिवेटेड रोड बनाने की सिफारिश की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क बुनियादी ढांचे की समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बाईपास बनाने की बात कही है ताकि शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।
प्रशासन ने अवैध पार्किंग के खिलाफ भी सख्ती शुरू कर दी है। 1 जुलाई को परिवहन विभाग ने कमता से चिनहट तक अभियान चलाकर 20 वाहनों का चालान किया और 10 वाहनों को सीज किया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी लखनऊ दौरे के दौरान इस बात का जिक्र किया कि लोग कड़ी धूप में लंबे जाम में फंसे हुए थे।