Lucknow के काकोरी में भगवान आदिनाथ का पंचकल्याणक महोत्सव, दूसरे दिन गर्भ कल्याणक की क्रियाएं संपन्न
Lucknow/Kakori: राजधानी लखनऊ के काकोरी स्थित भगवान श्री पार्श्वनाथ धाम (अमेठिया, सलेमपुर) में इन दिनों भक्ति का माहौल है। यहाँ 24 से 29 जून 2026 तक श्री 1008 भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन कि
Lucknow/Kakori: राजधानी लखनऊ के काकोरी स्थित भगवान श्री पार्श्वनाथ धाम (अमेठिया, सलेमपुर) में इन दिनों भक्ति का माहौल है। यहाँ 24 से 29 जून 2026 तक श्री 1008 भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन गुरुवार को गर्भ कल्याणक उत्तर भाग की धार्मिक क्रियाएं पूरी हुईं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह 5 बजे नांदीमंगल, सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा और देवागम विधि के साथ हुई। इसके बाद देवों ने भगवान का नित्य अभिषेक और पूजन किया। इस दौरान विधि दीदी और सुनीता दीदी की दीक्षा विधि भी संपन्न हुई। दोपहर के सत्र में महायागमंडल आराधना की गई और तीर्थंकर प्रभु के माता-पिता की गोद भराई और सीमंतनी क्रिया का मंचन किया गया।
शाम को कर्नाटक के जैन काशी मूडबिद्री से आए जगतगुरु स्वस्ति चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी की मौजूदगी में माता पद्मावती की भव्य प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद गर्भ कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं, महाआरती और शास्त्र सभा हुई। रात के समय इंद्र दरबार में तत्व चर्चा हुई, जहाँ सौधर्म इंद्र के आसन के हिलने और माता द्वारा देखे गए 16 स्वप्नों के फलादेश के बाद पूरी सभा जयकारों से गूंज उठी।
| प्रमुख विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य सान्निध्य | आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज (ससंघ) |
| विशेष अतिथि | जगतगुरु स्वस्ति चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी |
| सौधर्म इंद्र की भूमिका | विशाल जैन |
| कुबेर इंद्र की भूमिका | रोहित जैन |
| मुख्य संयोजक | बृजेश जैन ‘बंटी’ |
| विशेषता | लगभग 50 पिच्छिधारी मुनिराजों और आर्यिका माताओं का सान्निध्य |
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में वाणी पर संयम रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए ताकि दुनिया में युद्ध जैसी स्थितियां पैदा न हों। लखनऊ के अलग-अलग इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजे और मंगलाचार के साथ संतों का स्वागत किया। आयोजन समिति के अनुसार, शुक्रवार 26 जून 2026 को भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा।