UP: लखनऊ जंक्शन पर गुरुवार को जनआहार केंद्र के पास छत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। इस हादसे के दौरान वेटिंग लाउंज में करीब 200 यात्री मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे
UP: लखनऊ जंक्शन पर गुरुवार को जनआहार केंद्र के पास छत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। इस हादसे के दौरान वेटिंग लाउंज में करीब 200 यात्री मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। फिलहाल सुरक्षा कारणों से कई प्रतीक्षालयों को बंद कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
हादसा कैसे हुआ और अब क्या स्थिति है?
यह घटना 14 मई 2026 को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच हुई। बताया जा रहा है कि महिला प्रतीक्षालय के विस्तार के लिए एक दीवार और खंभों को तोड़ा जा रहा था, जिसमें सावधानी नहीं बरती गई। शुक्रवार को जब DRM गौरव अग्रवाल मौके पर थे, तभी ढही हुई छत का एक और हिस्सा गिर गया, लेकिन गनीमत रही कि वहां कोई मौजूद नहीं था।
जांच में क्या बातें सामने आईं?
रेलवे की जांच में कुछ गंभीर बातें सामने आई हैं। आरोप है कि जिस इमारत की छत गिरी, उसे एक दशक पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया गया था और उसे गिराने का प्रस्ताव था। लेकिन इसे गिराने के बजाय मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। अब इस पूरे मामले में ठेकेदार और जिम्मेदार रेलवे कर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
| प्रमुख विवरण |
जानकारी |
| घटना की तारीख |
14 मई 2026 |
| निरीक्षण की तारीख |
15 मई 2026 |
| प्रभावित क्षेत्र |
जनआहार केंद्र और महिला प्रतीक्षालय |
| जांच टीम |
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय (गोरखपुर) |
| बंद किए गए क्षेत्र |
महिला प्रतीक्षालय और AC वेटिंग रूम |
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ जंक्शन पर छत गिरने का मुख्य कारण क्या था?
शुरुआती जांच के अनुसार, महिला प्रतीक्षालय के विस्तार के लिए दीवार और खंभों को तोड़ने के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई, जिससे छत गिर गई।
क्या इस हादसे में कोई हताहत हुआ है?
नहीं, हादसे के समय प्रतीक्षालयों में करीब 200 यात्री थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई घायल नहीं हुआ।