UP : लखनऊ में ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को शहर के न्यायिक अधिकारियों ने एक साइकिल रैली निकाली। इस अभियान का मकसद लोगों को प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल क
UP : लखनऊ में ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को शहर के न्यायिक अधिकारियों ने एक साइकिल रैली निकाली। इस अभियान का मकसद लोगों को प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए जागरूक करना था।
इस साइकिल रैली में कौन-कौन शामिल हुए
जिला जज मलखान सिंह के नेतृत्व में करीब 70 न्यायिक अधिकारियों ने इस रैली में हिस्सा लिया। लखनऊ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश चौहान ने इस अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कई वकील भी साइकिल और ई-रिक्शा से अदालत पहुंचे। यह पूरी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण की अपील से प्रेरित थी। रैली की शुरुआत डालीबाग स्थित जिला जज के आवास से हुई और वहां से सभी अधिकारी साइकिल चलाते हुए कोर्ट पहुंचे।
क्या यह अभियान केवल एक दिन के लिए था
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि यह कोई एक दिन का दिखावा नहीं है। न्यायिक अधिकारियों ने संकल्प लिया है कि वे सप्ताह में एक दिन साइकिल से ही अदालत पहुंचेंगे। न्यायमूर्ति राजेश चौहान ने कहा कि अगर समाज का हर व्यक्ति हफ्ते में एक दिन साइकिल इस्तेमाल करे, तो कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और प्रदूषण में बड़ी गिरावट आएगी।
स्वास्थ्य और पर्यावरण पर क्या होगा असर
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कदम की तारीफ की है और सुझाव दिया है कि सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में भी ‘नो व्हीकल डे’ शुरू करना चाहिए। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि साइकिल चलाना दिल की सेहत के लिए अच्छा है, इससे वजन कंट्रोल रहता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। शहर के आम लोगों ने भी जजों की इस पहल को प्रेरणादायक बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में न्यायिक अधिकारियों ने साइकिल रैली क्यों निकाली?
यह रैली ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए निकाली गई। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री की ईंधन संरक्षण की अपील को जमीन पर उतारना और लोगों को प्रदूषण कम करने के लिए जागरूक करना था।
क्या जज अब रोज साइकिल से कोर्ट जाएंगे?
नहीं, न्यायिक अधिकारियों ने यह संकल्प लिया है कि वे सप्ताह में एक दिन साइकिल से अदालत पहुंचेंगे ताकि पर्यावरण के प्रति जागरूकता बनी रहे।