UP: लखनऊ में पर्यावरण को बचाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। यहां जिला जज मलखान सिंह के नेतृत्व में करीब 70 न्यायिक अधिकारी साइकिल चलाकर अदालत पहुंचे। इस खास अभियान को इलाहाबाद हाईकोर्ट के
UP: लखनऊ में पर्यावरण को बचाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। यहां जिला जज मलखान सिंह के नेतृत्व में करीब 70 न्यायिक अधिकारी साइकिल चलाकर अदालत पहुंचे। इस खास अभियान को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
क्यों चलाया गया यह साइकिल अभियान?
यह पूरी मुहिम ईंधन संकट के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रदूषण को कम करने के लिए शुरू की गई है। इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण और साइकिल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाली अपील की प्रेरणा है। जस्टिस राजेश चौहान ने बताया कि अगर हर व्यक्ति हफ्ते में एक दिन साइकिल का इस्तेमाल करे, तो ईंधन की बड़ी बचत होगी और प्रदूषण भी काफी घटेगा।
अब हफ्ते में एक दिन साइकिल से जाएंगे जज
इस अभियान के तहत अब यह नियम बनाया गया है कि न्यायिक अधिकारी सप्ताह में एक दिन साइकिल से ही कोर्ट पहुंचेंगे। इस पहल को ‘ग्रीन कोर्ट अभियान’ का नाम दिया गया है। रैली में केवल जज ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में वकील भी साइकिल और ई-रिक्शा से कोर्ट पहुंचे। कई अधिकारियों ने इसे फिटनेस और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद बताया और खुशी जताई कि उन्हें सालों बाद साइकिल चलाने का मौका मिला।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में जजों द्वारा साइकिल रैली क्यों निकाली गई?
यह रैली पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए निकाली गई थी।
ग्रीन कोर्ट अभियान के तहत क्या नया नियम लागू हुआ है?
इस अभियान के तहत यह तय किया गया है कि न्यायिक अधिकारी अब सप्ताह में एक दिन साइकिल से अदालत पहुंचेंगे।