Lucknow: JPNIC घोटाले की जांच तेज, LDA के पूर्व चीफ इंजीनियर और अधिशासी अभियंता को 7 जुलाई को तलब किया गया
Lucknow: लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) परियोजना में हुए वित्तीय घोटाले की जांच एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के तत्कालीन मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता को 7 जुल
Lucknow: लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) परियोजना में हुए वित्तीय घोटाले की जांच एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के तत्कालीन मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता को 7 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया गया है। यह पूरी कार्रवाई शासन के निर्देशों के बाद की जा रही है।
यह परियोजना अखिलेश यादव सरकार के समय करीब 864 करोड़ रुपये की लागत से बनी थी। आरोप है कि इस प्रोजेक्ट में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी जांच योगी सरकार ने 2017 में शुरू करवाई थी। मुख्य शिकायत यह है कि प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) गायब है और बार-बार बजट बढ़ाकर इसकी लागत को काफी ज्यादा बढ़ा दिया गया।
जांच के दायरे में आए अधिकारियों में सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता डी.पी. सिंह और अधिशासी अभियंता पूरन कुमार शामिल हैं। डी.पी. सिंह के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा के अनुच्छेद-351ए के तहत कार्रवाई चल रही है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी काटी जा सकती है। वहीं पूरन कुमार की जांच उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण केंद्रीकृत सेवा नियमावली के तहत हो रही है।
मंडलायुक्त के सामने होने वाली इस सुनवाई के बाद जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। सीएजी (CAG) की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई थी कि बिना निविदा (Tender) के काम दिए गए और लागत में अस्पष्ट बढ़ोतरी की गई। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने स्वीकृत डीपीआर की सीमा से बाहर जाकर अतिरिक्त काम कराए और ज्यादा राशि के अनुबंध किए।