Lucknow में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर मंथन, JPC की दो दिवसीय बैठक शुरू; 39 सांसद लेंगे हिस्सा
UP/Lucknow: देश में एक साथ चुनाव कराने की तैयारी को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की अहम बैठक 12 जुलाई 2026 से लखनऊ में शुरू हुई है. यह बैठक दो दिनों तक चलेगी, जिसमें समिति के सदस्य अलग-अलग पक्षों से सुझाव लेंगे. JPC अ
UP/Lucknow: देश में एक साथ चुनाव कराने की तैयारी को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की अहम बैठक 12 जुलाई 2026 से लखनऊ में शुरू हुई है. यह बैठक दो दिनों तक चलेगी, जिसमें समिति के सदस्य अलग-अलग पक्षों से सुझाव लेंगे. JPC अब तक 9 राज्यों का दौरा कर चुकी है और अब उत्तर प्रदेश में इस व्यवस्था पर चर्चा की जा रही है.
इस समिति में कुल 39 सांसद शामिल हैं, जिनमें 27 लोकसभा और 12 राज्यसभा के सदस्य हैं. भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी इस समिति के अध्यक्ष हैं. बैठक में केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला, प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी, अनुराग ठाकुर, सुप्रिया सुले और कल्याण बनर्जी जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद हैं. लखनऊ में समिति राज्य सरकार, विधानसभा अध्यक्ष, राजनीतिक दलों, विधायकों, चुनाव आयोग और कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है.
JPC वर्तमान में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा कर रही है. समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने बताया कि इस प्रस्ताव को देश भर में काफी समर्थन मिल रहा है और अब तक करीब 99% हितधारकों ने इसके पक्ष में बात की है. उनका कहना है कि बार-बार होने वाले चुनावों से देश को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होता है, जिसे इस व्यवस्था से रोका जा सकता है.
समिति इस योजना को लागू करने के लिए ‘दो-चरणीय संक्रमण मॉडल’ पर विचार कर रही है. इसके तहत पहले चरण में लगभग 20 राज्य विधानसभा चुनावों को 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ जोड़ा जा सकता है. उम्मीद है कि JPC अपनी अंतिम रिपोर्ट 17 जुलाई 2026 तक तैयार कर लेगी, जिससे 2029 तक ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की व्यवस्था पूरी तरह लागू होने का रास्ता साफ हो सकता है.