Lucknow के जवाहर भवन में भीषण आग, दमकल विभाग ने 19 बार दिया था नोटिस, अब भी बना हुआ है खतरा

Lucknow: राजधानी लखनऊ के जवाहर भवन में 20 जुलाई 2026 की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। सुबह करीब 9:30 से 10:00 बजे के बीच चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन और खाद्य एवं रसद विभाग के दफ्तर में भीषण आग लग गई। खबर मिलते ही दमकल

Lucknow: राजधानी लखनऊ के जवाहर भवन में 20 जुलाई 2026 की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। सुबह करीब 9:30 से 10:00 बजे के बीच चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन और खाद्य एवं रसद विभाग के दफ्तर में भीषण आग लग गई। खबर मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अंकुश मित्तल और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने पुष्टि की कि सभी लोग सुरक्षित हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल का दौरा किया और आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दिए। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

हैरानी की बात यह है कि दमकल विभाग ने जवाहर भवन में सुरक्षा कमियों को लेकर पहले ही 19 बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जवाहर भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे और सदस्य पंकज मेहरोत्रा ने पहले भी यहां जमा कबाड़ और खराब बिजली के तारों की शिकायत की थी। 21 जुलाई की रिपोर्ट बताती है कि आग बुझने के बाद भी भवन में लटकते तार और कबाड़ मौजूद हैं, जिससे खतरा अभी भी बना हुआ है।

राज्य सरकार ने 22 जून को अलीगंज में हुए अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी, के बाद सभी बड़े सरकारी और निजी भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, बिना फायर एनओसी के अब व्यापार लाइसेंस या बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा। साथ ही, इमारतों में आने और जाने के लिए अलग-अलग दरवाजे रखना जरूरी कर दिया गया है।