Lucknow में सजी ‘जश्न-ए-अदब’ की महफिल, कव्वाल अनीस साबरी की प्रस्तुति पर झूमे लोग

Lucknow: राजधानी के विश्वेश्वरैया हॉल में ‘कल्चरल कारवां–विरासत’ द्वारा ‘जश्न-ए-अदब’ मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 9 और 10 अगस्त 2026 को आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य भारत के

Lucknow: राजधानी के विश्वेश्वरैया हॉल में ‘कल्चरल कारवां–विरासत’ द्वारा ‘जश्न-ए-अदब’ मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 9 और 10 अगस्त 2026 को आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस और ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाना था। रविवार रात को हुई इस महफिल में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कवियों और शायरों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने किया। उन्होंने इस आयोजन के लिए संस्थापक कुंवर रणजीत चौहान की कोशिशों की तारीफ की। इस साहित्यिक उत्सव में केवल शायरी ही नहीं, बल्कि शास्त्रीय संगीत, गजल, कव्वाली और नृत्य की प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं।

महफिल में कव्वाल अनीस साबरी की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उनकी कव्वाली ‘भारत का तिरंगा न झुका है न झुकेगा’ सुनकर वहां मौजूद लोग काफी उत्साहित नजर आए और झूम उठे। इसके अलावा पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने अपनी हास्य कविताओं से लोगों को गुदगुदाया और पद्मश्री डॉ. यश गुलाटी ने सैक्सोफोन की धुन पेश की। कथक कलाकार डॉ. ऋचा जैन और उनकी टीम ने भी शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।

इस आयोजन में कई युवा कलाकारों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें अखंड प्रताप सिंह, लोकेश त्रिपाठी, दर्द फैज खान, नवाज कमर, गुलाब मिश्रा और आदर्श श्रीवास्तव शामिल थे। कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क था और इसके लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था थी। इस पूरे आयोजन में 94.3 BIG FM लखनऊ रेडियो पार्टनर रहा और SECL, IDBI बैंक व SBI बैंक ने प्रायोजक के तौर पर सहयोग किया।