Lucknow के जानकीपुरम विस्तार में गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान, जलकल विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप
Lucknow: राजधानी के जानकीपुरम विस्तार में रहने वाले लोग इन दिनों नलों से आने वाले गंदे और बदबूदार पानी की वजह से काफी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी से
Lucknow: राजधानी के जानकीपुरम विस्तार में रहने वाले लोग इन दिनों नलों से आने वाले गंदे और बदबूदार पानी की वजह से काफी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। लोगों ने जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
समस्या इतनी बढ़ गई है कि पिछले साल अगस्त में दूषित पानी पीने से इलाके के करीब 43 लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे। उस समय स्वास्थ्य विभाग और जलकल विभाग की टीम ने जांच की थी और पानी के नमूने अलीगंज स्थित राज्य स्वास्थ्य संस्थान भेजे गए थे। हालांकि, अधिकारियों ने बाद में पानी की आपूर्ति को सुरक्षित बताया था, लेकिन स्थानीय लोगों की शिकायतें अब भी जारी हैं।
इस मामले में महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी दखल दिया है। उन्होंने एक जन चौपाल के दौरान लोगों की शिकायतों को सुना और पाया कि पुरानी सीवर और पेयजल पाइपलाइनों में रिसाव हो रहा है। महापौर ने जलकल के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह को तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करने और स्वच्छ पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले जानकीपुरम विस्तार संयुक्त कल्याण महासमिति ने भी शिकायत की थी कि करीब 6,000 घरों में पानी का दबाव बहुत कम है और सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है।
पानी की समस्या के साथ-साथ जलकल विभाग भ्रष्टाचार के आरोपों से भी घिरा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग में सामान खरीद और मरम्मत कार्यों में करीब 20 करोड़ रुपये के घपले की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री कार्यालय इस मामले की सीधी निगरानी कर रहा है और नगर विकास विभाग ने नगर आयुक्त को इस पर विस्तृत रिपोर्ट देने की आखिरी चेतावनी दी है। हाल ही में जल निगम नगरीय के एक सहायक अभियंता को भी भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर उनसे लाखों रुपये की वसूली का आदेश दिया गया है।