UP : लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार में पानी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से लोग परेशान हैं। 13 मई 2026 को सैकड़ों निवासियों ने जलकल कार्यालय का घेराव किया और जमकर विरोध जताया। जानकीपुरम विस्तार संयुक्त कल्याण महासमिति और अ
UP : लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार में पानी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से लोग परेशान हैं। 13 मई 2026 को सैकड़ों निवासियों ने जलकल कार्यालय का घेराव किया और जमकर विरोध जताया। जानकीपुरम विस्तार संयुक्त कल्याण महासमिति और अलग-अलग सेक्टरों की समितियों ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
पानी की समस्या क्यों है और लोग क्यों नाराज हैं?
निवासियों का कहना है कि इलाके में 26 साल पहले ओवरहेड टैंक बना था, फिर भी मानक के हिसाब से पानी नहीं मिलता। यहाँ के नलकूपों की क्षमता कम हो गई है और वे अक्सर खराब रहते हैं, जिससे कई हफ्तों तक पानी की सप्लाई बंद रहती है। हाल ही में 9 मई को सेक्टर-6 में पाइपलाइन फटने से 10 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। हालांकि 12 मई को मरम्मत का काम हुआ, लेकिन लोगों का मानना है कि समस्या बहुत गहरी है और केवल पाइप ठीक करने से हल नहीं होगी।
अधिकारियों की लापरवाही और अन्य गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने जलकल विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सेक्टर-6 स्थित कैंप कार्यालय की बाउंड्रीवॉल अधूरी है और वहां से लगभग दो क्विंटल लोहे की ग्रिल गायब हो चुकी है, जिस पर अधिकारी चुप हैं। साथ ही, क्षेत्र में अवैध कनेक्शनों की भरमार है, जिसकी वजह से उन लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है जो नियम से बिल भर रहे हैं।
सरकार और प्रशासन का क्या कहना है?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले में महाप्रबंधक जलकल को तीन महीने के अंदर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे, लेकिन समय बीतने के बाद भी सुधार नहीं हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 मई को सभी जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन के तहत खुदाई और सुरक्षा मानकों के पालन के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने साफ कहा था कि लापरवाही करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगेगा और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जानकीपुरम विस्तार में पानी की समस्या की शिकायत कहाँ करें?
जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति और लीकेज की शिकायत जल समाधान पोर्टल या टोल फ्री नंबर 18001212164 पर की जा सकती है।
विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या था?
26 साल पुराने टैंक के बावजूद सही जलापूर्ति न होना, नलकूपों का बार-बार खराब होना और पाइपलाइन फटने के बाद प्रबंधन की सुस्ती मुख्य कारण थे।