Lucknow के जानकीपुरम में LDA के 3 करोड़ रुपये बर्बाद, तालाब बना जंगल और सड़कों पर कूड़े के ढेर

Lucknow: राजधानी के जानकीपुरम तृतीय वार्ड के लोग इन दिनों गंदगी और अधूरे विकास कार्यों से बहुत परेशान हैं। यहाँ LDA ने एक तालाब के सौंदर्यीकरण पर 3 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब वह तालाब जंगल जैसा दिख रहा है। लोगों क

Lucknow: राजधानी के जानकीपुरम तृतीय वार्ड के लोग इन दिनों गंदगी और अधूरे विकास कार्यों से बहुत परेशान हैं। यहाँ LDA ने एक तालाब के सौंदर्यीकरण पर 3 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब वह तालाब जंगल जैसा दिख रहा है। लोगों को न केवल बदबू का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि जलभराव और कूड़े के ढेरों ने जीना मुश्किल कर दिया है।

सबसे ज्यादा समस्या लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस के पास मुख्य सड़क पर है, जहाँ खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। यहाँ कूड़े का इतना बड़ा ढेर लग गया है कि आने-जाने वालों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और पार्षदों से शिकायत की है कि शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ कहा जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। जून में यहाँ तक देखा गया कि नगर निगम की गाड़ी ने सहारा स्टेट्स में अवैध रूप से कूड़ा फेंका, जिससे एक एम्बुलेंस का रास्ता तक रुक गया था।

इस मामले में LDA ने एक RTI के जवाब में यह बात स्वीकार की है कि जानकीपुरम एक्सटेंशन के विकास के समय कूड़ा निस्तारण के लिए कोई जगह तय नहीं की गई थी। वहीं, नगर निगम के अधिकारी पहले आश्वासन दे चुके हैं कि समस्या वाली जगहों की पहचान होने पर कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव S.P. Goyal ने हाल ही में शहरी इलाकों में सफाई की निगरानी के लिए 75 ‘स्पेशल सेल’ बनाने के निर्देश दिए हैं। इन सेल का काम यह देखना होगा कि सभी वार्डों में घर-घर से कूड़ा उठाया जा रहा है या नहीं। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाले बड़े कूड़ा फैलाने वालों की बिजली और पानी काटने जैसी कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा गया है।