Lucknow के जानकीपुरम में गंदगी और जलभराव से लोग परेशान, कूड़े के ढेर और बदहाल पार्कों ने बढ़ाई मुसीबत
Lucknow: राजधानी के जानकीपुरम तृतीय वार्ड के निवासी इन दिनों गंदगी, जलभराव और अधूरे विकास कार्यों की वजह से काफी परेशान हैं। इलाके की मुख्य सड़क पर लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस के पास खुले में कूड़े के बड़े ढेर लग गए हैं, जिसस
Lucknow: राजधानी के जानकीपुरम तृतीय वार्ड के निवासी इन दिनों गंदगी, जलभराव और अधूरे विकास कार्यों की वजह से काफी परेशान हैं। इलाके की मुख्य सड़क पर लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस के पास खुले में कूड़े के बड़े ढेर लग गए हैं, जिससे लोगों को बदबू और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत बहुत खराब है।
जानकीपुरम विस्तार में कूड़ा डालने के लिए कोई सही जगह न होने के कारण लोग सड़कों और घरों के सामने ही कचरा फेंक रहे हैं। आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी भी दिनभर सड़क किनारे कूड़ा डालते हैं। वहीं, जुलाई 2026 की भारी बारिश ने समस्याओं को और बढ़ा दिया है। जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की स्थिति इतनी गंभीर थी कि एक स्ट्रीट पोल में करंट उतरने से एक गाय की मौत भी हो गई।
इलाके के पार्कों की हालत भी खस्ता है। जानकी विहार पार्क, शहीद भगत सिंह पार्क और पंडित दीन दयाल वाटिका समेत करीब 22 पार्कों में रखरखाव की कमी और गंदगी साफ दिखती है। जानकीपुरम प्रथम वार्ड में सीवर और साफ-सफाई का जिम्मा संभालने वाली संस्थाओं, लॉयन एनवायरो और स्वेज इंडिया पर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
तालाबों के सौंदर्यीकरण को लेकर भी चर्चा है। सहारा स्टेट तालाब के पास एक तालाब के कायाकल्प के लिए 3.71 करोड़ रुपये की लागत से निविदा (NIT) जारी की गई है। इसके अलावा, लखनऊ यूनिवर्सिटी के जानकीपुरम कैंपस में एक नया जैव विविधता पार्क और तालाब विकसित करने की योजना बनाई गई है। नगर विकास विभाग ने लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में तालाबों को संवारने की मंजूरी दी है।
शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए LDA ने हाल ही में 266 करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। साथ ही, LDA और अग्निशमन विभाग ने कई इमारतों में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, जानकीपुरम के लोग अभी भी बुनियादी सुविधाओं और सफाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं।