Lucknow में कलश स्थापना के साथ चातुर्मास शुरू, आचार्य सुबल सागर जी ने बच्चों को संस्कार सिखाने पर दिया जोर

Lucknow: गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के मौके पर कलश स्थापना महोत्सव हुआ। इस आयोजन के साथ ही जैन समाज में चातुर्मास की शुरुआत हो गई है। यह पूरा कार्यक्रम तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति

Lucknow: गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के मौके पर कलश स्थापना महोत्सव हुआ। इस आयोजन के साथ ही जैन समाज में चातुर्मास की शुरुआत हो गई है। यह पूरा कार्यक्रम तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज और उनके सप्त ऋषि मुनि संघ के सानिध्य में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, आदर्श व्यापार मंडल के संजय गुप्ता और आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक कौशल जी व अनिल जी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में चौक, डालीगंज और इंदिरा नगर की महिला मंडलों ने भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। श्री जिन शासन प्रभावना चतुर्मास समिति के अध्यक्ष संजीव जैन और महामंत्री अभिषेक जैन सहित अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में मदद की।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि संस्कार ही इंसान को वास्तव में मनुष्य बनाते हैं और बिना संस्कारों के जीवन राक्षस के समान होता है। उन्होंने बच्चों को पाश्चात्य संस्कृति से दूर रखकर गुरुकुल परंपरा वाले मूल्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि इन चार महीनों में बच्चों को नैतिक और धार्मिक शिक्षा देने के लिए संस्कारों का बिगुल बजाया जाएगा।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने आचार्य श्री से लखनऊ में शांति और स्वच्छता बनाए रखने का आशीर्वाद लिया। उन्होंने अनुरोध किया कि नई पीढ़ी को सामाजिक संस्कारों से जोड़ने के लिए आचार्य श्री के प्रवचन स्कूलों में भी आयोजित किए जाएं।

चातुर्मास के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे। इसमें स्वतंत्रता दिवस, भगवान नेमिनाथ जन्म, मोक्ष सप्तमी, रक्षाबंधन, पर्युषण महापर्व, क्षमावाणी और दीपावली जैसे उत्सव मनाए जाएंगे। युवाओं के लिए विशेष संस्कार शिविर भी लगाया जाएगा। पर्युषण के बाद जन भवन में विश्व मैत्री दिवस (क्षमावाणी) का कार्यक्रम होगा। आगे के सभी धार्मिक आयोजन इंदिरानगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में किए जाएंगे।