Lucknow में नए डिप्टी जेलर और वार्डर की दीक्षांत परेड, मंत्री दारा सिंह चौहान ने दिए अनुशासन के निर्देश

Lucknow: राजधानी के आलमबाग स्थित डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में 20 जुलाई 2026 को एक दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के नए डिप्टी जेलर, जेल अधीक्षक और वार्डरों ने

Lucknow: राजधानी के आलमबाग स्थित डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में 20 जुलाई 2026 को एक दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के नए डिप्टी जेलर, जेल अधीक्षक और वार्डरों ने हिस्सा लिया। कारागार एवं होमगार्ड राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दारा सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की और परेड की सलामी ली।

मंत्री दारा सिंह चौहान ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई दी। उन्होंने साफ कहा कि जेल सिर्फ बंदियों को रखने की जगह नहीं, बल्कि सुधार गृह होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी, सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ करें ताकि बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। उन्होंने अनुशासन और मानवीय व्यवहार के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।

इस दीक्षांत परेड में कुल 119 प्रशिक्षु शामिल हुए। इनमें 4 डिप्टी जेलर उत्तर प्रदेश के थे, जबकि 115 जेल वार्डरों में से 74 उत्तर प्रदेश और 41 उत्तराखंड से थे। प्रशिक्षण के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। अधिकारी वर्ग में डिप्टी जेलर शशिकांत को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु चुना गया, वहीं वार्डर वर्ग में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की कविता जलाल को बेस्ट प्रशिक्षु का अवॉर्ड मिला।

संस्थान की उपलब्धियों की बात करें तो यहाँ डिप्टी जेलरों का 121वां और जेल वार्डरों का 178वां सत्र पूरा हुआ। अगस्त 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस संस्थान ने अब तक 1736 अधिकारियों और 13,391 जेल वार्डरों को ट्रेनिंग दे चुकी है। इसके अलावा रिफ्रेशर कोर्स के जरिए 1287 कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया गया है।