UP : लखनऊ की जेल में बंद अनुज कुमार उर्फ कुल्ली की मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस विवाद के कारण परिवार ने पहले शव का अंतिम संस्
UP : लखनऊ की जेल में बंद अनुज कुमार उर्फ कुल्ली की मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस विवाद के कारण परिवार ने पहले शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
कैसे हुई अनुज कुमार की मौत और क्या हैं आरोप?
36 साल के अनुज कुमार, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे, को 16 मई 2026 को बिजनौर पुलिस ने उनके मामा के घर से गिरफ्तार किया था। उन पर एससी/एसटी एक्ट का मामला था। रविवार सुबह जेल में उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी महक यादव का कहना है कि गिरफ्तारी के समय अनुज स्वस्थ थे, लेकिन माती चौकी इंचार्ज अभिराम शुक्ला ने उनकी बेरहमी से पिटाई की।
परिजनों की मांगें और पुलिस का क्या आश्वासन था?
गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने 50 लाख रुपये मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी और आरोपी दरोगा पर कार्रवाई की मांग की थी। मामला बढ़ता देख ACP कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया। उन्होंने मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपये और विधायक कोष से मदद दिलाने का भरोसा दिया। साथ ही आरोपी दरोगा का तबादला करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर शाम गांव के बाग में अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस और जेल प्रशासन का क्या कहना है?
पुलिस प्रशासन ने पिटाई के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, अनुज कुमार शराब के आदी थे और उन्हें लीवर की गंभीर बीमारी थी, जिसकी पहले दो सर्जरी और तीन स्टेंट डले थे। ACP ने बताया कि जेल भेजने से पहले सरोजनीनगर सीएचसी में उनका मेडिकल चेकअप हुआ था। अब पोस्टमार्टम पैनल द्वारा पूरी प्रक्रिया की जाएगी और उसकी वीडियोग्राफी भी होगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अनुज कुमार को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
अनुज कुमार को एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में वांछित बताया गया था और उन्हें गैर-जमानती वारंट (NBW) के तहत बिजनौर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
मृतक के परिजनों ने पुलिस से क्या मांगें रखी थीं?
परिजनों ने 50 लाख रुपये मुआवजा, पत्नी के लिए सरकारी नौकरी, दो बीघा जमीन और आरोपी दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।