Lucknow में मामा ने की भांजे की हत्या, केले के खेत में मिला शव, पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा
UP: लखनऊ के इटौंजा इलाके में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मर्डर मिस्ट्री को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान 22 साल के सचिन
UP: लखनऊ के इटौंजा इलाके में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मर्डर मिस्ट्री को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान 22 साल के सचिन सिंह के रूप में हुई है, जो आईआईएम रोड पर एक आइसक्रीम पार्लर चलाता था।
कैसे हुई सचिन सिंह की हत्या
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बृजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ इंजीनियर ने अपने भांजे सचिन को 1 जून 2026 को अपने गांव अकबरपुर बुलाया था। वहां उसने सचिन को शराब पिलाई और जब वह नशे में बेसुध हो गया, तो प्लास्टिक की स्ट्रैप से उसका गला घोंटकर उसे मार डाला। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को पास के ही एक केले के खेत में फेंक दिया गया। सचिन के भाई प्रखर सिंह ने 2 जून को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद मंगलवार सुबह उसका शव बरामद हुआ।
हत्या की असली वजह क्या थी
शुरुआती खबरों में यह बात सामने आई थी कि आरोपी को शक था कि सचिन उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। हालांकि, पुलिस पूछताछ में बृजेंद्र ने बताया कि वह सचिन की शराब पीने की आदत और उसके व्यवहार से काफी नाराज था। शराब पार्टी के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई प्लास्टिक स्ट्रैप भी बरामद कर ली है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
इस मामले में डीसीपी नॉर्थ, स्वाट, सर्विलांस और एफएसएल टीम ने मिलकर काम किया। तकनीकी सबूतों और मुखबिरों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही। मृतक के पिता रामशंकर सिंह की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब आरोपी बृजेंद्र प्रताप सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मृतक सचिन सिंह कौन था और वह कहां रहता था
सचिन सिंह 22 वर्ष का था और मड़ियांव की इंद्रपुरी कॉलोनी का निवासी था। वह लखनऊ में आईआईएम रोड पर मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय के पास एक आइसक्रीम पार्लर चलाता था।
पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा
लखनऊ इटौंजा पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम की मदद ली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस ने आरोपी बृजेंद्र प्रताप सिंह तक पहुँच बनाई और उसे गिरफ्तार किया।