Lucknow में IPS किरन यादव का बड़ा एक्शन, अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, 100 से ज्यादा हिरासत में

Lucknow: लखनऊ पुलिस ने शहर में अब तक की सबसे बड़ी साइबर स्ट्राइक की है। एडीसीपी क्राइम IPS किरन यादव के नेतृत्व में पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क को पकड़ा है। यह पूरी कार्रवाई 30 जून की देर रात से 1 जुलाई 2

Lucknow: लखनऊ पुलिस ने शहर में अब तक की सबसे बड़ी साइबर स्ट्राइक की है। एडीसीपी क्राइम IPS किरन यादव के नेतृत्व में पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क को पकड़ा है। यह पूरी कार्रवाई 30 जून की देर रात से 1 जुलाई 2026 तक चली, जिसमें गोमती नगर की एक बड़ी बिल्डिंग में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ।

यह फर्जी कॉल सेंटर गोमती नगर स्थित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर चल रहा था। यहाँ से गिरोह के लोग विदेशी नागरिकों को बैंकिंग, तकनीकी सहायता और ऑनलाइन शॉपिंग रिफंड के नाम पर झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन में 35 युवतियों समेत 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। आरोपियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्हें ले जाने के लिए पुलिस को बसें बुलानी पड़ीं।

इस छापेमारी के दौरान जॉइंट सीपी बबलू कुमार, डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा और एसीपी विभूति खंड सौम्या पांडे भी मौके पर मौजूद रहीं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, सर्वर और हार्ड डिस्क जैसे डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि गिरोह के सरगनाओं और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी देख रही है कि ठगी का पैसा हवाला या डिजिटल वॉलेट के जरिए कहाँ भेजा गया।

इस कार्रवाई को लीड करने वाली IPS किरन यादव 2021 बैच की अधिकारी हैं और उन्हें उनकी बहादुरी के लिए ‘लेडी सिंघम’ कहा जाता है। वह सी.ए. और ई-कॉमर्स की पढ़ाई कर चुकी हैं। किरन यादव ने पहले भी बताया था कि लखनऊ जैसे बढ़ते शहर में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने लोगों की मदद के लिए एक संगठित अपराध हेल्पलाइन (7839861034) की जानकारी भी साझा की है, जहाँ नागरिक मानव तस्करी और नशे जैसे अपराधों की गुप्त सूचना दे सकते हैं।