UP : लखनऊ के एकाना स्टेडियम के बाहर क्रिकेट फैंस को ठगने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ChatGPT और ग्राफिक डिजाइन सॉफ्टवेयर की मदद से बिल्कुल असली दिखने वाले नकली IPL टिकट तैयार कर रहा
UP : लखनऊ के एकाना स्टेडियम के बाहर क्रिकेट फैंस को ठगने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ChatGPT और ग्राफिक डिजाइन सॉफ्टवेयर की मदद से बिल्कुल असली दिखने वाले नकली IPL टिकट तैयार कर रहा था। लखनऊ साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम ने 7 मई की शाम सुशांत गोल्फ सिटी के डोडनखेड़ा चौराहे से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे काम करता था यह नकली टिकट का गिरोह?
पकड़े गए चारों आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं। इन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब से असली टिकटों की फोटो निकाली और CorelDraw जैसे सॉफ्टवेयर से उन्हें दोबारा डिजाइन किया। आरोपियों ने टिकट के कागज की क्वालिटी और साइज जानने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया ताकि कोई पहचान न सके। ये लोग 170-जीएसएम पेपर शीट का इस्तेमाल करके जाली पास प्रिंट करते थे।
कैसे खुला मामला और क्या हुआ बरामद?
यह धोखाधड़ी तब पकड़ी गई जब जालौन के प्रदीप सिंह ने शिकायत की कि उन्होंने 1,000 रुपये में दो टिकट खरीदे थे, जो गेट पर नकली निकले। यह घटना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के मैच के दौरान हुई। पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, चार मोबाइल, नकली टिकट, प्रिंटिंग शीट, पेपर कटर और एक कार बरामद की है।
दिल्ली में भी की थी कोशिश
पुलिस जांच में पता चला कि इन लोगों ने पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी नकली टिकट बेचने की कोशिश की थी। वहां बारकोड की क्वालिटी सही न होने की वजह से वे नाकाम रहे, जिसके बाद उन्होंने डिजाइन में सुधार किया और लखनऊ पहुंचे। गिरोह का सदस्य श्रीकांत बोरकर अपने बैंक खाते से UPI के जरिए पेमेंट लेता था, जबकि विश्वजीत टिकट डिजाइन करने का काम संभालता था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली टिकटों को असली जैसा दिखाने के लिए आरोपियों ने क्या किया?
आरोपियों ने टिकट के सही साइज और कागज की क्वालिटी जानने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया और CoreLDraw सॉफ्टवेयर से डिजाइन तैयार किए। उन्होंने 170-जीएसएम पेपर शीट का उपयोग किया ताकि टिकट असली लगें।
यह गिरोह किन राज्यों से जुड़ा हुआ था?
पकड़े गए चारों आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के निवासी हैं और उन्होंने दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में ठगी करने की कोशिश की।