UP: लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर के जरिए IPL के नकली टिकट बना रहा था। यह गैंग लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर सक्रिय था और लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने कार्र
UP: लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर के जरिए IPL के नकली टिकट बना रहा था। यह गैंग लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर सक्रिय था और लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
कैसे करते थे फर्जी टिकटों का खेल
गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया से असली टिकटों की फोटो डाउनलोड करते थे और फिर CorelDRAW सॉफ्टवेयर से उन्हें एडिट करते थे। टिकटों को बिल्कुल असली जैसा दिखाने के लिए उन्होंने ChatGPT का सहारा लिया, जिससे उन्हें कागज की क्वालिटी और टिकट के सही साइज जैसी तकनीकी जानकारी मिली। पकड़े गए आरोपियों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चार लोग शामिल हैं, जिनमें एक आर्किटेक्ट और एक 2D/3D डिजाइनर भी है।
पुलिस ने क्या-क्या सामान बरामद किया
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी सामान जब्त किया है। बरामद सामान की लिस्ट नीचे दी गई है:
- 15 तैयार नकली IPL टिकट और 14 अतिरिक्त प्रिंटेड टिकट
- एक ASUS लैपटॉप जिसमें CorelDraw और ChatGPT की हिस्ट्री मिली
- खाली प्रिंटिंग शीट और पेपर कटर
- चार मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और बैंक दस्तावेज
- गिरोह द्वारा इस्तेमाल की गई एक कार
कैसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़
जालौन जिले के प्रदीप सिंह नाम के व्यक्ति ने इकाना स्टेडियम के बाहर 1,000 रुपये में दो टिकट खरीदे थे। जब शिकायत दर्ज हुई, तो लखनऊ पुलिस की साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस टीम ने तेजी से काम किया और 30 मिनट के भीतर आरोपियों को दबोच लिया। जांच में पता चला कि इस गैंग ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी कोशिश की थी, लेकिन बारकोड खराब होने की वजह से वे वहां सफल नहीं हो पाए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली टिकट बनाने के लिए किन टूल्स का इस्तेमाल किया गया था
आरोपियों ने टिकट डिजाइन करने के लिए CorelDRAW सॉफ्टवेयर और तकनीकी जानकारी जैसे कागज की क्वालिटी और साइज पता करने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया था।
गिरफ्तार आरोपी कहां के रहने वाले हैं
पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू शामिल हैं।