UP: लखनऊ के चिनहट इलाके में कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर दो लोगों का अपहरण किया गया और उनसे पांच लाख रुपये लूट लिए गए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरान कर
UP: लखनऊ के चिनहट इलाके में कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर दो लोगों का अपहरण किया गया और उनसे पांच लाख रुपये लूट लिए गए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल का मुख्य साजिशकर्ता उत्तर प्रदेश पुलिस का ही एक सिपाही निकला।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम
यह घटना 10 जून 2026 की है जब दिवाकर सिंह और अनूप शुक्ला को निवेश के बहाने चिनहट के ग्लोबल इन होटल के पास बुलाया गया था। वहां आरोपियों ने उन्हें एक सरकारी नंबर प्लेट वाली बोलेरो और एक बिना नंबर की कार में जबरन बैठा लिया। आरोपियों ने सरकारी एजेंसी का फर्जी नाम लेकर उन्हें डराया-धमकाया और मारपीट कर पांच लाख रुपये लूट लिए, जिसके बाद उन्हें कुछ दूरी पर छोड़ दिया गया।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या हुआ बरामद
लखनऊ पुलिस की चिनहट टीम और सर्विलांस टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में यूपी पुलिस का सिपाही पूर्ण सिंह, जावेद हुसैन, आसिफ और प्रवेश त्रिपाठी शामिल हैं। डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, आरोपियों के पास से 1.25 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, जब आरोपियों को लगा कि मामला दर्ज हो गया है, तब वे पीड़ितों को पैसे वापस करने की कोशिश कर रहे थे और इसी दौरान उन्हें दबोच लिया गया।
गिरोह का काम करने का तरीका
यह गिरोह लोगों को निवेश की रकम कम समय में दोगुनी करने का लालच देता था। जब लोग उनके झांसे में आकर मिलते थे, तो ये लोग पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसियों के नाम का डर दिखाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। इसके बाद जबरन वसूली और लूटपाट की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। इस मामले में सिपाही पूर्ण सिंह की भूमिका सबसे अहम बताई जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस लूट कांड में कौन-कौन गिरफ्तार हुआ है
पुलिस ने कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें यूपी पुलिस का सिपाही पूर्ण सिंह, जावेद हुसैन, आसिफ और प्रवेश त्रिपाठी शामिल हैं।
पीड़ितों के साथ क्या हुआ था
दिवाकर सिंह और अनूप शुक्ला को निवेश के नाम पर बुलाकर अपहरण किया गया, उनके साथ मारपीट की गई और पांच लाख रुपये लूट लिए गए।