Lucknow में इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 लोग गिरफ्तार, 250 करोड़ की ठगी का आरोप
Lucknow: लखनऊ के गोमती नगर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ‘सोलारिस सॉल्यूशन’ (Solaris Solution) के नाम से चल रहा था, जिसने विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी क
Lucknow: लखनऊ के गोमती नगर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ‘सोलारिस सॉल्यूशन’ (Solaris Solution) के नाम से चल रहा था, जिसने विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कुल 119 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर राज्यों की लड़कियां शामिल हैं।
यह पूरा ऑपरेशन लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल, साइबर पुलिस स्टेशन और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने 1 और 2 जुलाई 2026 को चलाया। यह कॉल सेंटर गोमती नगर की समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर दो ऑफिसों से चलाया जा रहा था। इस आलीशान ऑफिस का सालाना किराया और अन्य खर्चे करीब 3 करोड़ रुपये थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। ठगी के लिए ‘डॉलर ऐप’ (Dollar App) का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी खुद को बैंक अधिकारी या तकनीकी सहायता टीम का सदस्य बताते थे। वे उन लोगों को ढूंढते थे जो ऑनलाइन शॉपिंग के बाद रिफंड चाहते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी कोर्ट ऑर्डर या गिरफ्तारी का डर दिखाकर गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पैसे वसूलते थे। इस पूरे खेल में अब तक 200 से 250 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी होने का अनुमान है।
भर्ती के लिए इस कॉल सेंटर में 5 राउंड का इंटरव्यू होता था। पूर्वोत्तर की लड़कियों को इसलिए चुना जाता था क्योंकि उनकी अंग्रेजी अच्छी थी और बोलने का तरीका न्यूट्रल था। उन्हें ढाई महीने की ट्रेनिंग दी जाती थी ताकि वे विदेशी नागरिकों को आसानी से विश्वास में ले सकें। कर्मचारियों को 25,000 से 40,000 रुपये वेतन मिलता था और ठगी की रकम पर 10% कमीशन भी दिया जाता था। कुछ लोग इस काम से महीने के 2 लाख रुपये तक कमा रहे थे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| गिरफ्तार लोग | 119 (लगभग 40 महिलाएं) |
| मुख्य आरोपी | ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार |
| जब्त लैपटॉप | 100-103 |
| जब्त मोबाइल | 177-178 |
| जब्त हेडफोन | 116 |
| ठगी की राशि | 200-250 करोड़ रुपये से अधिक |
| ऑपरेशन का समय | शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक |
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार और अन्य अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन का पता लगाया जा सके।