Lucknow में 24 साल पुराने इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में फैसला, 3 आरोपी दोषी करार; 7 जुलाई को होगी सजा तय
Lucknow: लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील इंद्रदेव सिंह की हत्या के मामले में 24 साल बाद बड़ा फैसला आया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस चर्चित केस में तीन लोगों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने यह फैसला 30 जू
Lucknow: लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील इंद्रदेव सिंह की हत्या के मामले में 24 साल बाद बड़ा फैसला आया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस चर्चित केस में तीन लोगों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने यह फैसला 30 जून 2026 को सुनाया, जबकि दोषियों को सजा 7 जुलाई 2026 को सुनाई जाएगी।
यह मामला साल 2002 का है जब 8 अगस्त को अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह कचहरी से अपने स्कूटर से घर लौट रहे थे। कलेक्ट्रेट के पीछे वाली गली में स्कूटर सवार बदमाशों ने उन पर हमला किया और दो गोलियां मारीं। एक गोली उनकी गर्दन में लगी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
सीबीआई-दो के विशेष न्यायाधीश वायु नंदन मिश्रा की अदालत ने इस मामले में शूटर विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और ब्रजेश कुमार यादव उर्फ मुन्ना को हत्या और साजिश रचने का दोषी पाया है। सीबीआई के विशेष अभियोजन अधिकारी केपी सिंह ने कोर्ट में सबूत पेश किए, वहीं वादिनी नयनतारा के वकील आरके यादव ने केस की पैरवी की।
फैसले से पहले शूटर कालिया जेल में था, जबकि पन्ना सिंह और ब्रजेश कुमार जमानत पर बाहर थे। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पन्ना सिंह और ब्रजेश कुमार की जमानत रद्द कर दी और तीनों को जेल भेज दिया है।
दिवंगत इंद्रदेव सिंह नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पिता थे। इस फैसले के बाद उनकी पत्नी नयनतारा ने राहत महसूस की और कहा कि प्रभु के घर देर है अंधेर नहीं।