Lucknow के इंदिरा नगर जैन मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान शुरू, आचार्य सुबल सागर के सानिध्य में जुटे श्रद्धालु
Lucknow: राजधानी के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम आचार्य सुबल सागर महाराज के मंगल सानिध्य मे
Lucknow: राजधानी के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम आचार्य सुबल सागर महाराज के मंगल सानिध्य में किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और आराधना में हिस्सा लिया।
इस आयोजन की खास बात यह है कि आचार्य सुबल सागर महाराज इस साल अपना चातुर्मास लखनऊ में ही करेंगे। इससे पहले रविवार, 19 जुलाई को आचार्य सुबल सागर महाराज अपने शिष्यों और आठ अन्य संतों के साथ इंदिरा नगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश कर चुके थे। यह पूरा विधान अष्टान्हिका महापर्व के मौके पर आयोजित किया जा रहा है।
सिद्धचक्र महामंडल विधान को जैन धर्म में आत्मशुद्धि और कर्मों के नाश के लिए बहुत प्रभावशाली माना जाता है। मान्यता है कि मैनासुंदरी ने अपने पति कोटिभट श्रीपाल के कुष्ठ रोग को दूर करने के लिए यह विधान किया था, जिसके बाद इसे विशेष ख्याति मिली। इस आठ दिन के कार्यक्रम में पंचामृत अभिषेक, महाशांतिधारा, नित्य पूजा और धर्मप्रभावना जैसे आयोजन शामिल हैं।
कार्यक्रम के प्रबंधन में जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन और जिनशासन प्रभावना चातुर्मास समिति के अध्यक्ष संजीव जैन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। अष्टान्हिका पर्व की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को रात्रि भोजन और बाहर के बने खाने का त्याग करने की सलाह दी गई है। विधान के दौरान सिद्धों के आठ गुणों, सोलह कारणों और चौंसठ ऋद्धियों के अर्घ्य अर्पित किए जाएंगे।