Lucknow के इंदिरा नगर जैन मंदिर में मनाया गया गुरु उपकार दिवस, 21 जुलाई से शुरू होगा अष्टानिका पर्व

UP/Lucknow: लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में 7 जुलाई 2026 को गुरु उपकार दिवस का आयोजन किया गया. इस मौके पर बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग जुटे और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यह पूरा आयोजन आर्यिका 105

UP/Lucknow: लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में 7 जुलाई 2026 को गुरु उपकार दिवस का आयोजन किया गया. इस मौके पर बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग जुटे और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यह पूरा आयोजन आर्यिका 105 वियोजना माताजी के 16वें दीक्षा दिवस की खुशी में किया गया.

कार्यक्रम के दौरान आर्यिका संघ ने आचार्य श्री के चरणों का प्रक्षालन किया. भक्तों ने वियोजना माताजी के चरण धोकर उन्हें शास्त्र भेंट किए. अपने प्रवचन में वियोजना माताजी ने बताया कि जीवन में गुरु का बहुत महत्व होता है और बिना संयम के इंसान का जीवन पशु के समान होता है. इस आयोजन में ऋषभ जैन, अनुरोध, अपर्णा, शिप्रा, सनत, अरविंद और अभय समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे.

अब लखनऊ में 21 जुलाई 2026 से अष्टानिका पर्व की शुरुआत होगी. यह आठ दिनों तक चलने वाला सिद्धचक्र महामंडल विधान है, जो आचार्य सुबल सागर जी महाराज की देखरेख में होगा. जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने जानकारी दी कि इस साल चातुर्मास के दौरान पूरे अवध क्षेत्र में धर्म का प्रचार-प्रसार होगा. इसके बाद 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के मौके पर आचार्य संघ लखनऊ में चार महीने का प्रवास करेगा और विशेष साधना करेगा.

जैन धर्म में अष्टानिका पर्व साल में तीन बार मनाया जाता है. यह आषाढ़, कार्तिक और फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक चलता है. पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस समय देवता स्वर्ग से धरती पर आते हैं और आठ दिनों तक नंदीश्वर द्वीप में धार्मिक काम करते हैं. यह समय आध्यात्मिक सोच और जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना के लिए बहुत खास माना जाता है.