UP: लखनऊ की पेपर मिल कॉलोनी के पास अवैध झुग्गियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महापौर सुषमा खर्कवाल ने इन बस्तियों को खाली करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। शनिवार सुबह महापौर और कमिश्नर गौरव कुमार ने
UP: लखनऊ की पेपर मिल कॉलोनी के पास अवैध झुग्गियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महापौर सुषमा खर्कवाल ने इन बस्तियों को खाली करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। शनिवार सुबह महापौर और कमिश्नर गौरव कुमार ने इलाके का औचक निरीक्षण किया, जिसके बाद यह सख्त फैसला लिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला और क्या होगी कार्रवाई
महापौर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, इन झुग्गियों में दिए गए बिजली कनेक्शनों की भी जांच होगी। अगर कोई कनेक्शन अवैध पाया गया, तो नियमों के हिसाब से एक्शन लिया जाएगा। यह अभियान शहर की साफ-सफाई और विकास कार्यों को बेहतर बनाने के लिए चलाया जा रहा है।
अवैध बस्तियों और प्रवासियों पर नगर निगम की नजर
नगर निगम लखनऊ पहले भी फूल बाग और डालीबाग जैसे इलाकों में ऐसी कार्रवाई कर चुका है। महापौर का मानना है कि शहर में कई अवैध बस्तियां हैं जहां बिना कागजात के लोग रह रहे हैं। जनवरी 2025 के एक सर्वे में बताया गया था कि 110 वार्डों में हजारों अवैध झुग्गियां हैं, जिनमें संदिग्ध बाहरी लोग रह रहे हैं। प्रशासन अब आधार कार्ड, वोटर आईडी और पुलिस वेरिफिकेशन की जांच पर जोर दे रहा है।
क्या कहता है नियम और प्रशासन
नगर निगम के मुताबिक, अवैध बस्तियों को हटाने से पहले उनके रहने वालों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था करना जरूरी होता है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि अगर जमीन किसी दूसरे विभाग की है, तो जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बिना नगर निगम उसे नहीं हटा सकता। इस बीच LDA भी शहर के अलग-अलग हिस्सों जैसे सुशांत गोल्फ सिटी और दुबग्गा में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चला रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पेपर मिल कॉलोनी के पास रहने वालों को कितना समय दिया गया है
महापौर सुषमा खर्कवाल ने अवैध झुग्गियों में रहने वाले लोगों को जगह खाली करने के लिए एक हफ्ते (7 दिन) का अल्टीमेटम दिया है।
नगर निगम इन बस्तियों में किन चीजों की जांच करेगा
प्रशासन बिजली कनेक्शनों की वैधता की जांच करेगा और रहने वालों के पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी और पुलिस वेरिफिकेशन की पड़ताल करेगा।