Lucknow में अवैध कोचिंग सेंटरों पर योगी सरकार का एक्शन, बेसमेंट में क्लास चलाने पर लगा बैन

Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवासीय मकानों और बेसमेंट में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। 22 जून 2026 को हुए दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड

Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवासीय मकानों और बेसमेंट में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। 22 जून 2026 को हुए दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर में करीब 80% कोचिंग सेंटर ऐसे हैं जो रिहायशी इलाकों में चल रहे हैं, जिन्हें अब सख्ती से हटाया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में बेसमेंट के अंदर कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम या किसी भी तरह की कमर्शियल एक्टिविटी चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बिल्डिंग का इस्तेमाल केवल उसी काम के लिए होगा जिसके लिए उसे मंजूरी मिली है। रिहायशी मकानों में कोचिंग चलाना अब भारी पड़ेगा।

इस अभियान के तहत सभी जिलाधिकारियों (DMs) को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने जिलों में सभी कोचिंग संस्थानों का सर्वे करें। यूपी कोचिंग रेगुलेशन एक्ट 2002 के तहत जो सेंटर रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। जांच टीमों का मुख्य फोकस बिल्डिंग की सेफ्टी, आग से बचाव के इंतजाम, बिजली के सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट पर है।

प्रशासन ने अब तक लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरीज़ को सील कर दिया है। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) ने उस बिल्डिंग के मालिक को नोटिस जारी कर उसे गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जहाँ हाल ही में आग लगी थी, क्योंकि वह रिहायशी मकान था जिसे कमर्शियल इस्तेमाल में लाया गया था।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा है कि छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा की क्वालिटी सबसे ऊपर है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कोचिंग संस्थानों को तय मानकों का 100% पालन करना होगा। फिलहाल SIT और FSL की टीमें लखनऊ हादसे की जांच कर रही हैं।