Lucknow के हॉस्टल्स में ‘नो गेस्ट पॉलिसी’ का खेल, सुविधाओं की पोल खुलने के डर से ओनर्स ने लगाए कड़े नियम
Lucknow: राजधानी लखनऊ में रहने वाले छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं के लिए हॉस्टल ढूंढना अब सिरदर्द बनता जा रहा है। कई हॉस्टल्स में सिक्योरिटी के नाम पर एडमिशन के समय नियमों की लंबी लिस्ट थमा दी जाती है और सख्त ‘नो गेस
Lucknow: राजधानी लखनऊ में रहने वाले छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं के लिए हॉस्टल ढूंढना अब सिरदर्द बनता जा रहा है। कई हॉस्टल्स में सिक्योरिटी के नाम पर एडमिशन के समय नियमों की लंबी लिस्ट थमा दी जाती है और सख्त ‘नो गेस्ट पॉलिसी’ लागू की जाती है। दरअसल, इस पॉलिसी के पीछे असली वजह यह है कि हॉस्टल मालिक अपनी सुविधाओं की पोल खुलने से बचाना चाहते हैं और बाहरी लोगों के आने से प्रशासन की नजर उन पर पड़ सकती है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और फायर डिपार्टमेंट ने हाल ही में प्राइवेट हॉस्टल्स और पीजी (PG) के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। जांच में पता चला कि कई हॉस्टल्स स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और फायर सेफ्टी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अलीगंज में हुई एक दर्दनाक आग की घटना, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी, उसके बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।
दिविजनल कमिश्नर विजय पंत ने मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को सील करने के आदेश दिए हैं। LDA और फायर विभाग के संयुक्त सर्वे में 122 होटल्स, गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल्स में गंभीर कमियां पाई गई हैं। कई हॉस्टल मालिक आवासीय मकानों को ही कमर्शियल पीजी में बदल देते हैं, जिसके कारण वहां न तो पर्याप्त फायर एग्जिट होते हैं और न ही इमरजेंसी अलार्म की व्यवस्था होती है।
चारबाग जैसे इलाकों के कुछ हॉस्टल ऑपरेटरों ने कैमरे पर यह बात स्वीकार की है कि तंग गलियों और छोटी जगहों की वजह से वे पूरी तरह फायर सेफ्टी मानक पूरे नहीं कर सकते। उनका कहना है कि नई सीढ़ियां बनाना या हाइड्रेंट सिस्टम लगाना बहुत महंगा पड़ता है, जिसे वे वहन नहीं कर सकते। इस कार्रवाई की वजह से कई हॉस्टल्स सील हो गए हैं, जिससे वहां रह रहे छात्रों को अचानक घर छोड़ना पड़ा और कई मामलों में मालिकों ने सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस करने से भी मना कर दिया है।
प्रशासन की यह सख्ती सिर्फ छोटे हॉस्टल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि Hotel Renaissance और Novotel जैसे बड़े नामों को भी अनियमितताओं के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में पाया गया कि कुछ जगहों पर छत को स्काई बार बना दिया गया और बेसमेंट पार्किंग का इस्तेमाल बेकरी या बैंक्वेट हॉल के लिए किया जा रहा है।