Lucknow के अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण से बुरा हाल, जाम में फंस रही एंबुलेंस; मरीज परेशान

Lucknow: राजधानी लखनऊ के बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण की समस्या इतनी बढ़ गई है कि अब मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। सड़कों पर अवैध कब्जों की वजह से एंबुलेंस घंटों जाम में फंसी रहती हैं, जिससे समय प

Lucknow: राजधानी लखनऊ के बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण की समस्या इतनी बढ़ गई है कि अब मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। सड़कों पर अवैध कब्जों की वजह से एंबुलेंस घंटों जाम में फंसी रहती हैं, जिससे समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो गया है। मरीज और उनके तीमारदार अस्पताल पहुंचने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं।

शहर के प्रमुख चिकित्सा संस्थान जैसे KGMU, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, बलरामपुर अस्पताल, लोकबंधु, सिविल और डफरिन अस्पताल इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। डफरिन अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में नगर निगम को कई बार पत्र लिखकर शिकायत की है, लेकिन जमीन पर स्थिति नहीं बदली है।

नगर निगम की टीम समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाती है। हाल ही में 6 अगस्त को अंबेडकर चौराहे से लोहिया पार्क और मातृ-शिशु अस्पताल गोमती नगर विस्तार जैसे पांच जोनों में बड़ी कार्रवाई की गई। इसके अलावा 15 जुलाई को आलमबाग में रेलवे की जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। लेकिन समस्या यह है कि कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही लोग दोबारा कब्जा कर लेते हैं।

इस मामले पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने साफ कहा कि नगर निगम अपनी तरफ से अतिक्रमण हटा रहा है, लेकिन उसे दोबारा न लगने देने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की है। ट्रैफिक पुलिस की उपायुक्त ने भी 31 जुलाई को नगर निगम को इस संबंध में एक रिपोर्ट भेजी थी।

अस्पतालों के आसपास की बदहाली सिर्फ अतिक्रमण तक सीमित नहीं है। गुडंबा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जोड़ने वाली सड़क पर गड्ढे और जलभराव की समस्या है। स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर 2025 में ही जिलाधिकारी और नगर आयुक्त से इसकी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ है। वहीं, आवास एवं विकास परिषद ने इंदिरा नगर में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुछ अस्पतालों सहित 7 भवनों को सील किया है।