Lucknow में कथित धर्मांतरण के खिलाफ हिंदू महासभा का प्रदर्शन, सख्त कानून बनाने की मांग

Lucknow: राजधानी लखनऊ में मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा ने कथित धर्मांतरण के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि धर्मांतरण को रोकने के लिए राज्य में और भी सख्त कानून बनाए जाएं। इस

Lucknow: राजधानी लखनऊ में मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा ने कथित धर्मांतरण के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि धर्मांतरण को रोकने के लिए राज्य में और भी सख्त कानून बनाए जाएं। इस प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन सौंपा।

शिशिर चतुर्वेदी ने मांग की कि कथित धर्मांतरण के मामलों की गहराई से जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरियों के बढ़ते प्रभाव के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ है, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ और प्रदेश के कई अन्य जिलों में बिना प्रशासनिक अनुमति के चर्च और धार्मिक स्थल बनाए जा रहे हैं, इसलिए इन सभी चर्चों और उनकी जमीनों की जांच कराई जाए।

संगठन का आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर, बेरोजगार और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों को उनकी जरूरतों का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा विदेशी फंडिंग के नियमों में किए गए बदलावों का स्वागत किया।

यह पूरा विवाद मोहनलालगंज इलाके से शुरू हुआ, जहां 9 अगस्त को बजरंग दल और श्री राम सनातन सेवा समिति ने हंगामा किया था। वहां एक अवैध चर्च में ‘चंगाई सभा’ के दौरान धर्मांतरण का आरोप लगा था। खबर है कि वहां पादरी चंद्रिका प्रसाद के नेतृत्व में गरीब बच्चों और युवाओं को अंग्रेजी पढ़ाने के बहाने बुलाया जाता था और फिर उनका धर्मांतरण कराया जाता था। पुलिस ने 9 अगस्त को पांच लोगों को हिरासत में लिया था और फिलहाल मामले की जांच जारी है।