UP में लखनऊ हाईवे कई जगहों से धंसा, नवाबगंज में सड़क की हालत खराब, हादसे का बना खतरा

UP/Lucknow : लखनऊ राजमार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़क की हालत बदतर हो गई है। निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क कई जगहों से धंसने लगी है, जिससे वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह

UP/Lucknow : लखनऊ राजमार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़क की हालत बदतर हो गई है। निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क कई जगहों से धंसने लगी है, जिससे वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन खतरनाक जगहों पर प्रशासन ने कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग तक नहीं लगाई है।

नवाबगंज के मलाक बलऊ गांव के सामने सड़क का हिस्सा लगातार धंस रहा है। वहीं नवाबगंज थाना के पास करीब दो महीने पहले बनी सड़क पर अब बड़े-बड़े गड्ढे नजर आने लगे हैं। बारिश के मौसम ने स्थिति को और खराब कर दिया है। 10 जुलाई को फतेहपुर कायस्थान गांव के सामने भी सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया था, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

प्रयागराज-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंसूराबाद बाईपास का भी हाल बुरा है। यहां करीब 100 मीटर तक डिवाइडर और सड़क धंस गई है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से पहली बारिश में ही सड़क उखड़ रही है। नवाबगंज बाजार में NHAI द्वारा सड़क चौड़ीकरण के बाद नालियों का काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे जलभराव की समस्या हो गई है और लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।

दूसरी तरफ, लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर का एक हिस्सा उद्घाटन के तीन दिन बाद ही धंस गया था, जिसे जलकल विभाग की सीवर लाइन लीकेज का नतीजा बताया गया। वहीं लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के किनारे की मिट्टी बारिश से कटने की खबर आई थी, जिस पर NHAI ने स्पष्ट किया कि सड़क पूरी तरह सुरक्षित है और इसे आधुनिक AIMGC तकनीक से बनाया गया है।

ग्रामीणों और व्यापारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।