UP: दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग के बाद लखनऊ प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर लखनऊ के होटलों, मॉल्स और अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू हो गया है। यह अभियान 4 जून 2026 से शुरू हुआ है त
UP: दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग के बाद लखनऊ प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर लखनऊ के होटलों, मॉल्स और अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू हो गया है। यह अभियान 4 जून 2026 से शुरू हुआ है ताकि किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके।
जांच में क्या खामियां सामने आईं?
निरीक्षण के पहले दो दिनों में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पहले दिन 35 में से 27 और दूसरे दिन 36 में से 18 प्रतिष्ठानों में सुरक्षा इंतजाम अधूरे मिले। करीब 147 होटलों के पास फायर एनओसी नहीं है। कई जगहों पर इमरजेंसी एग्जिट के रास्तों में सामान रखा मिला और अलार्म सिस्टम काम नहीं कर रहे थे। कुछ होटल तो बेसमेंट से चल रहे हैं जहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।
प्रशासन ने क्या सख्त कदम उठाए हैं?
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने प्रवर्तन और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त समिति बनाई है। अब हर निरीक्षण की रिपोर्ट फोटो के साथ देनी होगी। अगर नक्शे से ज्यादा निर्माण पाया गया तो बिल्डर पर कार्रवाई होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन को एक हफ्ते के भीतर पूरी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
आम लोगों और कर्मचारियों के लिए क्या हुआ?
सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी फैलाई जा रही है। अब तक 511 कर्मचारियों और वहां रहने वाले लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। उन्हें बताया गया कि आग लगने पर अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल कैसे करना है और सुरक्षित तरीके से इमारत से बाहर कैसे निकलना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में यह जांच अभियान क्यों शुरू किया गया?
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक आग के हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ सहित पूरे राज्य में होटलों और व्यावसायिक इमारतों के सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है।
जांच के दौरान किन इमारतों को टारगेट किया जा रहा है?
इस अभियान के दायरे में शहर के सभी होटल, गेस्ट हाउस, शॉपिंग मॉल, अस्पताल और अन्य बहुमंजिला व्यावसायिक व सरकारी इमारतें शामिल हैं।