Lucknow: आपराधिक रिकॉर्ड वाले वकीलों पर हाईकोर्ट सख्त, जिला कचहरी में मारपीट के बाद मांगी पूरी लिस्ट
Lucknow: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जिला कचहरी परिसर में हुई मारपीट की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने अब उन सभी वकीलों की सूची मांगी है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है। यह आदेश उस मामले के बाद आया है जहां एक म
Lucknow: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जिला कचहरी परिसर में हुई मारपीट की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने अब उन सभी वकीलों की सूची मांगी है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है। यह आदेश उस मामले के बाद आया है जहां एक मुवक्किल और उसके वकीलों के साथ बदसलूकी की गई थी।
पूरा मामला 21 जुलाई 2026 का है जब लखनऊ जिला कचहरी में मोहम्मद शाकिर नाम के व्यक्ति और उनके दिल्ली के वकीलों अभिप्सा मोहंती, कोमल अग्रवाल और आशुतोष श्रीवास्तव के साथ मारपीट हुई थी। आरोप है कि मोहम्मद शाकिर को जबरन सेंट्रल बार एसोसिएशन के ऑफिस ले जाया गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद वजीरगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की बेंच ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया और इसे न्याय व्यवस्था में बड़ी दखलअंदाजी माना।
कोर्ट ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए सौरभ कुमार वर्मा, हर्षित पांडे, यश पांडे और अभय प्रताप वर्मा नाम के वकीलों के लखनऊ जिला कोर्ट परिसर में प्रवेश पर 24 अगस्त 2026 तक रोक लगा दी है। इनमें से सौरभ कुमार वर्मा पर चोरी, धोखाधड़ी और मारपीट जैसे आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। कोर्ट ने पीड़ित मोहम्मद शाकिर को आजमगढ़ में सुरक्षा देने का आदेश भी दिया है। साथ ही, संबंधित सिविल केसों के रिकॉर्ड को सील कर सीनियर रजिस्ट्रार की कस्टडी में रखने को कहा है।
इस मामले में पुलिस को यह जांचने का निर्देश दिया गया है कि क्या आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 111 (संगठित अपराध) लागू होती है। कोर्ट ने इन वकीलों की संपत्ति का ब्योरा मांगा है और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से जांच कराने का आदेश दिया है।
दूसरी तरफ, यूपी बार काउंसिल ने राज्य के सभी बार एसोसिएशन को 15 दिन का समय दिया है कि वे उन वकीलों की लिस्ट जमा करें जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनका ट्रायल चल रहा है। काउंसिल ने चेतावनी दी है कि अगर लिस्ट नहीं मिली तो एसोसिएशन की मान्यता रद्द की जा सकती है और सदस्यों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने चिंता जताई है कि यूपी में बड़ी संख्या में वकील आपराधिक मामलों में फंसे हैं, जिनमें अकेले लखनऊ के वजीरगंज इलाके के 422 वकीलों पर 236 FIR दर्ज हैं।
इस मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त 2026 को होगी, जिसमें डीसीपी वेस्ट और जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर को अपनी रिपोर्ट के साथ पेश होना होगा।