Lucknow हाईकोर्ट सुबह 6 बजे खुला, APO मेन्स परीक्षा से पहले अभ्यर्थी को मिली बड़ी राहत

UP/Lucknow: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रविवार सुबह एक बड़ा फैसला सुनाते हुए एक अभ्यर्थी का करियर बचा लिया। सहायक अभियोजन अधिकारी (APO)-2025 की मुख्य परीक्षा शुरू होने से ठीक तीन घंटे पहले कोर्ट खुला और अभ्यर्थी

UP/Lucknow: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रविवार सुबह एक बड़ा फैसला सुनाते हुए एक अभ्यर्थी का करियर बचा लिया। सहायक अभियोजन अधिकारी (APO)-2025 की मुख्य परीक्षा शुरू होने से ठीक तीन घंटे पहले कोर्ट खुला और अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। जस्टिस अमिताभ कुमार राय ने गर्मियों की छुट्टियों के दौरान अपने निवास पर इस याचिका की सुनवाई की।

यह मामला शालिनी पांडे नाम की अभ्यर्थी का था, जिन्हें UPPSC ने सिर्फ इसलिए परीक्षा में बैठने से रोक दिया था क्योंकि उन्होंने अपने आवेदन फॉर्म की हार्ड कॉपी जमा नहीं की थी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार सुबह 6 बजे सुनवाई की और आयोग को निर्देश दिया कि अभ्यर्थी को मेन्स परीक्षा में शामिल किया जाए। यह परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होनी थी, जो 28 जून से 30 जून 2026 तक चलेगी।

कोर्ट ने UPPSC को इस मामले में तीन हफ्ते के भीतर अपना जवाब (काउंटर-एफिडेविट) दाखिल करने को कहा है और अगली सुनवाई 29 जुलाई को तय की गई है। लखनऊ खंडपीठ में न्याय के हित में सुबह 6 बजे सुनवाई होने की यह पहली घटना बताई जा रही है।

इसी परीक्षा से जुड़े कुछ अन्य मामले भी सामने आए। मनीषा गौर नाम की एक अन्य अभ्यर्थी ने गलती से आरक्षण की गलत सब-कैटेगरी चुन ली थी, जिन्हें कोर्ट ने परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है, लेकिन उनका रिजल्ट सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा। वहीं, प्रीलिम्स परीक्षा के नतीजों को चुनौती देने वाली एक विशेष अपील को कोर्ट ने 24 जून को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने साफ किया कि प्रीलिम्स सिर्फ एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, इसलिए आरक्षण और माइग्रेशन का लाभ अंतिम चयन के समय ही मिलता है।